जनपद के किडनी रोगियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, गाजीपुर में डायलिसिस सेवाओं का विस्तार करते हुए 10 नए डायलिसिस बेडों का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही अस्पताल की डायलिसिस यूनिट की कुल क्षमता बढ़कर 25 बेड हो गई है। इस नई व्यवस्था से अब पहले की तुलना में कहीं अधिक मरीजों को समय पर डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी।
बाइट — संगीता बलवंत , राज्यसभा सांसद
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने फीता काटकर 10 अतिरिक्त डायलिसिस बेडों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.एन. चौधरी समेत अनेक चिकित्सक, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
बाइट — अनुपम शुक्ला जिलाधिकारी
2022 में हुई थी शुरुआत
मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट की शुरुआत जुलाई 2022 में 10 बेडों के साथ की गई थी। उस समय जनपद के किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिली थी, लेकिन धीरे-धीरे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। बढ़ती मांग को देखते हुए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से पांच अतिरिक्त डायलिसिस बेड स्थापित किए गए, जिससे यूनिट की क्षमता 15 बेड तक पहुंच गई।
हालांकि इसके बावजूद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती रही और डायलिसिस के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची बनने लगी। कई मरीजों को समय पर स्लॉट नहीं मिल पाता था, जिससे उन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था या फिर अन्य जनपदों में जाना पड़ता था।
प्राचार्य के प्रयासों से मिली स्वीकृति
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया और डायलिसिस सेवाओं के विस्तार की मांग रखी। उनके प्रयासों का परिणाम रहा कि शासन ने 10 अतिरिक्त डायलिसिस बेडों की स्वीकृति प्रदान की। इन बेडों के शुरू होने के बाद अब यूनिट की कुल क्षमता 25 बेड हो गई है।
बाइट — आनंद मिश्रा , प्राचार्य , महर्षि विश्वामित्र राजकीय मेडिकल कॉलेज
प्रतिदिन 75 मरीजों को मिलेगा लाभ
अस्पताल प्रशासन के अनुसार वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन लगभग 45 मरीजों का डायलिसिस किया जाता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर करीब 75 मरीज प्रतिदिन हो जाएगी। इससे प्रतीक्षा सूची में शामिल मरीजों को राहत मिलेगी और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार किडनी रोगियों के लिए समय पर डायलिसिस अत्यंत आवश्यक होता है। ऐसे में डायलिसिस यूनिट का विस्तार मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार लाने में सहायक साबित होगा।
आसपास के जिलों के मरीजों को भी मिलेगा फायदा
महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस सेवाओं का लाभ केवल गाजीपुर जनपद तक सीमित नहीं है। यहां बलिया, मऊ, चंदौली, वाराणसी और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। बेडों की संख्या बढ़ने से अब इन क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट का विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयासरत है।
डायलिसिस यूनिट के विस्तार के साथ महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज ने जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। इससे न केवल किडनी रोगियों को समय पर उपचार मिलेगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी अपने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
A SPECIAL REPORT FROM GAZIPUR

