लेखक-: डॉ. जयशंकर प्रसाद शुक्ल वरिष्ठ पत्रकार

डिजिटल नज़दीकियां मानवीय दूरियां

लखनऊ तुम्हें गैरों से कब फुर्सत, हम अपने गम से कब खाली” प्रसिद्ध उर्दू शायर मिर्ज़ा जाफ़र अली हसरत (मिर्ज़ा ग़ालिब) का एक बेहद लोकप्रिय शेर है। यह शेर बेवफाई या व्यस्तता के कारण आज के परिप्रेक्ष्य में मानवीय प्यार में दूरी को दर्शाता है।तुम्हें गैरों से कब फुर्सत, हम अपने गम से कब खालीचलो […]

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युद्ध में इसलिए बढ़ जाती है कंडोम की मांग ? कंडोम सिर्फ़ जनसंख्या नियंत्रण का ही नही हथियारों का सुरक्षा कवच भी है

लखनऊ भारत में कंडोम का विशाल उद्योग है।यह प्रति वर्ष 40 करोड़ से अधिक कंडोम का उत्पादन करता है। लेकिन अब कंपनियां कच्चे माल की कमी और बढ़ती उत्पादन लागत का सामना कर रही हैं। आने वाले हफ्तों में कंडोम उत्पादन व उत्पाद की कीमतों में वृद्धि होने की अत्यधिक उम्मीद है।किसी भी देश में […]

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