आज है गंगा दशहरा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने और दान-पुण्य करने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
माँ गंगा का अवतरण: राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों (सगर के 60,000 पुत्रों) की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए कठोर तपस्या की थी।
पाप मुक्ति
तपस्या से प्रसन्न होकर गंगा जी पृथ्वी पर आईं। मान्यता है कि इस दिन गंगा के जल में स्नान करने से व्यक्ति के मन, वाणी और शरीर से हुए 10 तरह के पाप धुल जाते हैं।
विशेष पूजा
इस दिन गंगा मैय्या की विशेष पूजा की जाती है और दान-पुण्य का बहुत महत्व है।
साल 2026 में गंगा दशहरा का पावन पर्व 25 मई (सोमवार) को मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है।
