बीजेपी की नीव गुमनामी में लखनऊ के लोहिया हॉस्पिटल में ? बलिया के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष हरे राम चौधरी जी को देखे ।अचानक सोशल मीडिया पर उनकी तबीयत खराब होने की सूचना मिली वहां उनके परिवार के लोग एक उम्मीद के सहारे बैठे हैं कि “बाबू जी ठीक हो जाएंगे” हरे राम चौधरी जी का परिचय सिर्फ इतना नहीं कि वह पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रहे हैं।वे 1980 में बलिया विधानसभा से जनसंघ के प्रथम प्रत्याशी रहे 1989 में भी चुनाव लड़ेआरएसएस के प्रचारक रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रथम प्रत्याशी रहे एक पूरा जीवन विचार, संगठन और संघर्ष को समर्पित कर दिया।लेकिन आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हमारी राजनीति अपने पुराने लोगों को भूलती जा रही है?आज संगठन महापर्व, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सदस्यता अभियान सब चल रहे हैं चलन
