लखनऊ केन्द्र सरकार द्वारा शत-प्रतिशत वित्त पोषित ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के अंतर्गत आज देश भर के पात्र कृषक परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 23वीं किस्त सफलतापूर्वक हस्तांतरित कर दी गई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शामिल होकर सिंगल क्लिक के माध्यम से देश के 9.44 करोड़ से अधिक कृषकों को कुल 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि हस्तांतरित की।
हुगली में आयोजित इस मुख्य कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, तेलीबाग, रायबरेली रोड, लखनऊ में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के किसानों की ओर से किसानों के हितों के प्रति सदैव संवेदनशील माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और उनके प्रति अपना विशेष आभार व्यक्त किया।
इस योजना के अंतर्गत आज जारी हुई 23वीं किस्त के तहत उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक पात्र कृषकों को 4352.40 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त होगी। उत्तर प्रदेश के संदर्भ में इस योजना के अंतर्गत पूर्व में जारी 22वीं किस्त के रूप में प्रदेश के 2.18 करोड़ से अधिक कृषकों को 4370.26 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई थी। इसके साथ ही योजना के प्रारंभ से लेकर 22वीं किस्त तक उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 3.12 करोड़ कृषक परिवारों के बैंक खातों में कुल 99,032.58 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार निरंतर किसानों की आर्थिक उन्नति और समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस योजना ने सीधे तौर पर किसानों को बिचौलियों से मुक्त कर शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने में एक ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व भूमिका निभाई है।
इस कल्याणकारी योजना के तहत प्रतिवर्ष पात्र कृषक परिवार को दो-दो हजार रुपये की तीन समान किस्तों में कुल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे किसान अपनी सुविधा अनुसार कृषि के क्षेत्र में कम लागत से अधिक उत्पादन प्राप्त करने में सक्षम हो सकें। यह योजना वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी डी०बी०टी० योजनाओं में से एक है।
उक्त कार्यक्रम के दौरान विधायक अमरेश कुमार रावत, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक एस.एन. सुशील, राज्य कृषि प्रबंध संस्थान रहमानखेड़ा के निदेशक आर.के. मौर्य, तथा सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

