अलीगढ़ से सीधे लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड घटनास्थल पर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री जी से मेरा निवेदन सिस्टम के दीमक को ठीक करें।। निवेदन भी है सलाह है।
सारे दुखों की पीड़ा एक तरफ संतान की मौत का दुख स्वयं की मृत्यु वेदना से कई गुना होती है। विचार मात्र से रूह कांप रही है, जिसकी औलाद गई है उसको तो सांत्वना देने का भी साहस नहीं जुट पाना चाहिए। जलती हुई चीत्कार ,माँ बाप की वेदना समाज की पीड़ा सब कुछ धुएं के गुबार में गुम है।
अपने आपको देवतुल्य समझने वाले अधिकारियों और मंत्रियों आंखें खोल कर मुक्त हाथों से कार्यवाही कर के भविष्य की घटनाओं पर विराम लगाने का प्रयास करने का काम अवश्य करें। वरना मुआवजा ही बाँटता रहेगा आपका जंग लगा सिस्टम।

