उन्नाव-कानपुर अपहरण, कथित शारीरिक शोषण और युवती की हत्या के सनसनीखेज मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भाजपा सरकार को घेरते हुए मामले की सीबीआई जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि उन्नाव में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे एक भाजपा कार्यकर्ता ने पहले युवती का शारीरिक शोषण किया और बाद में शिकायत दर्ज कराने पर उसकी हत्या करा दी। उन्होंने कहा कि आरोपी के भतीजे और सुरक्षा गार्ड ने शव को कानपुर से सैकड़ों किलोमीटर दूर बुलंदशहर में फेंक दिया। सपा प्रमुख ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है और मामले की तत्काल सीबीआई जांच कराकर दोषियों को कठोर सजा दी जानी चाहिए।
इधर, पुलिस जांच में सामने आया है कि जिला मुख्यालय क्षेत्र में संचालित एक निजी अस्पताल के संचालक, उसके भतीजे और एक अन्य सहयोगी को युवती के अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोप है कि अस्पताल में दवा लेने आई युवती से आरोपी ने संपर्क बढ़ाया, उसका कथित शारीरिक शोषण किया और गर्भवती होने पर गर्भपात भी कराया। बाद में युवती द्वारा विवाह का दबाव बनाए जाने पर अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई।
मामले में पीड़िता की मां ने पहले ही पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर अस्पताल संचालक पर गंभीर आरोप लगाए थे। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अब यह मामला सिर्फ एक जघन्य अपराध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष इसे महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की विफलता बताकर सरकार को घेर रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
राजनीतिक सवाल यह है कि सपा प्रमुख के आरोपों और सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद भाजपा इस मामले पर क्या जवाब देती है, और क्या जांच एजेंसियां इस बहुचर्चित हत्याकांड की परतें पूरी तरह खोल पाएंगी?
