उत्तर प्रदेश प्रयागराज में मंसूर अहमद को 8 दिन तक अवैध तरीके से न्यायिक हिरासत में रखा गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़ित को 2 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश UP सरकार को दिया है। यह पैसा प्रयागराज में तैनात ACP वेदव्यास मिश्रा की सैलरी से कटेगा।
हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल शांतिभंग करने पर व्यक्ति को पर्सनल बॉन्ड भरने का अवसर देना चाहिए। गैरजरूरी न्यायिक हिरासत (जेल भेजने) से बचना चाहिए। 24 घंटे से ज्यादा गैर जरूरी न्यायिक हिरासत होने पर रोजाना 25 हजार रुपए मुआवजा दिया जाए।
