सुलतानपुर जिले की प्रथम नागरिक के कार्यालय परिसर में कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों का दावा है कि परिसर में स्थित कुछ सरकारी आवासों का उपयोग निर्धारित नियमों के विपरीत किराये पर दिये जाने का मामला सामने आया है।
चर्चा है कि सरकारी आवासों को किसके आदेश पर किराये पर दिया गया, इसकी जानकारी तक संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और जिले की प्रथम नागरिक को नहीं है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो सरकारी संपत्तियों के उपयोग और आवंटन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक विभागीय कार्यों से अधिक ठेके और पट्टों के प्रबंधन में सक्रिय कुछ लोगों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि यदि जनपद के तेज तर्रार जिलाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर विस्तृत जांच कराते हैं तो सरकारी संपत्तियों के उपयोग, आवंटन और संभावित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

