लंभुआ (सुल्तानपुर)।सुलतानपुर जनपद की लंभुआ क्षेत्र में गोमती नदी के पावन तट पर स्थित धोपाप धाम अत्यंत प्राचीन पौराणिक एवं प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है।
प्रकांड् विद्वान एवं ज्योतिषाचार्य परम् शिवभक्त लंकापति रावण वध के पश्चात् भगवान श्रीराम ने यहां स्नान कर प्रायश्चित किया था। ब्रह्महत्या दोष से मुक्ति पाने हेतु हिंदुओं के आराध्य भगवान सियावर श्री रामचन्द्र जी से गुरु वशिष्ठ ने कहा पुष्पक विमान को वहीं पर छोड़कर गोमती में स्नान करने के पश्चात्,पूजा अर्चना एवं गोमती आरती करके फिर नाव से गोमती पार करके अयोध्या धाम आइए।
तभी से यह धाम आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक शांति का प्रमुख केन्द्र माना जाता है । गोमती तट की पवित्रता, धार्मिक अनुष्ठान और भक्तों की अटूट श्रद्धा इस धाम को विशेष दिव्यता प्रदान करती है ।
