सुल्तानपुर बहू को जलाकर मार डालने के नौ साल पुराने मामले में दो दिन पूर्व दोषी ठहराई गई सास गीता पाण्डेय की सजा पर शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने बहू की हत्या की दोषी सास को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे ने बताया कि अदालत ने सास को सजा काटने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है।
धम्मौर थाना क्षेत्र के अमयेमाफी-सेतू का पुरवा गांव में 20 मार्च साल 2017 को विवाहिता पूनम को दहेज की मांग को लेकर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया था। गंभीर रूप से झुलसी पूनम की 24 जून साल 2017 को इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। स्थानीय थाने के सरुवावां निवासी मृतका के भाई इन्द्रभान तिवारी ने मुकदमा दर्ज कराया था। वादी के मुताबिक उनकी बहन पूनम की शादी घटना से करीब 12 साल पूर्व शैलेन्द्र पाण्डेय के साथ हुई थी। आरोप के मुताबिक ससुराल वाले दहेज की मांग के लिए पूनम को प्रताड़ित करते रहे और मांग नहीं पूरी होने पर जला दिया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी सास गीता पाण्डेय को दोषी करार देते हुए गत बुधवार को जेल भेज दिया था। अदालत ने दोषी सास की सजा पर फैसला सुनाते हुए अर्थदंड की धनराशि वादी के पक्ष में दिए जाने का आदेश पारित किया है।
