आटोमोबाइल सेक्टर की दो बड़ी कंपनियों हुंडई (Hyundai) और किआ (Kia) ने अमेरिकी पेटेंट कार्यालय (USPTO) में एक Vehicle Wind Power Generation System का पेटेंट दायर किया है।
यह तकनीक कार के फ्रंट बम्पर में छोटे पवन टर्बाइन (Wind Turbines) लगाती है। ये टर्बाइन चलती कार से आने वाली हवा को बिजली में बदलकर ईवी (EV) और हाइब्रिड गाड़ियों की रेंज बढ़ाते हैं। इसे EV और हाइब्रिड रेंज का विस्तार करने के लिए बिजली में परिवर्तित किया गया है।
यह नई तकनीक कैसे काम करती है ?
- स्मार्ट फ्लैप्स: बम्पर ग्रिल के पीछे खास शटर या फ्लैप्स लगे होते हैं। जब कार तेज गति से चलती है, तो ये फ्लैप्स खुल जाते हैं। अंदर आने वाली तेज हवा टर्बाइनों को घुमाती है, जिससे बिजली बनती है।
रेंज विस्तार : यह उत्पन्न बिजली कार के एसी (AC), लाइटों और इंफोटेनमेंट सिस्टम को पावर देती है। इससे मुख्य बैटरी का भार कम होता है और गाड़ी अधिक दूरी तय कर पाती है।
यह वास्तविक जीवन में कैसे काम करती है ?
इसे आप साइकिल में लगने वाले डायनेमो (Dynamo) की तरह समझ सकते हैं। जैसे साइकिल चलाने पर पहिया डायनेमो को घुमाता है और लाइट जलती है, ठीक वैसे ही कार के आगे की हवा इन टर्बाइनों को घुमाकर बिजली पैदा करेगी। जब टरबाइनों की जरूरत नहीं होती, तो ये फ्लैप्स बंद हो जाते हैं। इससे गाड़ी का आकार हवा को आसानी से काटने वाला (Aerodynamic) बना रहता है।
