प्रतापगढ़ शादी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाने का आरोप, दारोगा निलंबित, जांच शुरू
जिले में खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। थाना कोहंडौर में तैनात एक दारोगा पर शादी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर एसपी प्रतापगढ़ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी दारोगा को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई.
- क्या है पूरा मामला:
पीड़िता 25 वर्षीय युवती निवासी कोहंडौर ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह से उसकी मुलाकात 2024 में एक मुकदमे की विवेचना के दौरान हुई थी। आरोप है कि दारोगा ने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब युवती ने शादी का दबाव बनाया तो दारोगा मुकर गया और धमकी देने लगा। - पीड़िता ने एसपी से लगाई गुहार:
29 जून 2026 को पीड़िता एसपी कार्यालय पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। युवती ने अपने शिकायती पत्र में व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और फोटो भी सबूत के तौर पर दिए हैं। पीड़िता का आरोप है कि दारोगा पहले से शादीशुदा है और उसने यह बात छिपाई। - एसपी ने की तत्काल कार्रवाई:
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी प्रतापगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी ने कहा, “पुलिस विभाग में इस तरह का आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच निष्पक्ष होगी।” - दर्ज हुआ मुकदमा:
पीड़िता की तहरीर पर थाना कोहंडौर में मु0अ0सं0 152/2026 धारा 69 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। धारा 69 बीएनएस – शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाना, जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। - सीओ सिटी कर रहे जांच:
एसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी प्रवीण कुमार सिंह को सौंपी है। सीओ सिटी ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मोबाइल डिटेल और दिए गए सबूतों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति:
प्रतापगढ़ पुलिस का कहना है कि महिला संबंधी अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति है। पिछले 3 महीने में 2 पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही हो चुकी है। विभाग की छवि खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - आरोपी दारोगा का पक्ष:
निलंबित दारोगा अजय कुमार सिंह से संपर्क नहीं हो सका। उनके सरकारी आवास पर ताला लगा मिला। सूत्रों के मुताबिक दारोगा ने आरोपों को साजिश बताया है।
नोट: पुलिस जांच जारी है। कोर्ट का फैसला आने तक आरोपी को निर्दोष माना जाएगा। पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।
