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लखनऊ 15 जुलाई, 2026 पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण अंचलों को पर्यावरण-अनुकूल और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘मेरी पंचायत हरित पंचायत’ ने धरातल पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। प्रदेश की ग्राम पंचायतों को हरा-भरा करने और जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 14 जुलाई, 2026 तक कुल 5,667 ग्राम सभा बैठकों का निर्धारण किया गया था, जिनमें से अब तक रिकॉर्ड 3,673 बैठकों का सफ़ल आयोजन संपन्न कराया जा चुका है। इस अभियान के तहत ग्रामीणों को पौधरोपण, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जा रहा है।

अग्रणी जनपदों में महराजगंज शीर्ष पर आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बैठकों के निर्धारण और उनके आयोजन में कुछ जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इस सूची में महराजगंज जनपद 99.89 प्रतिशत की उत्कृष्ट उपलब्धि के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। इसके बाद मिर्जापुर (96.54 प्रतिशत) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं खीरी (80.07 प्रतिशत), कानपुर देहात (78.48 प्रतिशत) तथा सोनभद्र (76.01 प्रतिशत) भी अग्रणी जनपदों में सम्मिलित रहकर इस हरित क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं।

इस अभियान के माध्यम से प्रदेश की पंचायतों को आत्मनिर्भर और ईको-फ्रेंडली बनाने की दिशा में लगातार कार्य जारी है, जिसे आने वाले दिनों में और अधिक गति दी जाएगी।

अभियान की सफलता और व्यापक जन-भागीदारी पर हर्ष व्यक्त करते हुए पंचायती राज मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप ‘मेरी पंचायत हरित पंचायत’ अभियान प्रदेश के ग्रामीण विकास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। पर्यावरण संरक्षण सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। मुझे बेहद खुशी है कि हमारी ग्राम सभाएं इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप दे रही हैं। जिन जनपदों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, वे बधाई के पात्र हैं और शेष जिलों को भी इसी गति से आगे बढ़ना होगा ताकि हम शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर सकें।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा लगातार की जा रही मॉनिटरिंग और मैदानी स्तर पर अधिकारियों की सक्रियता से हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं। 14 जुलाई तक निर्धारित बैठकों में से 3,673 का सकुशल संपन्न होना हमारी प्रशासनिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारा मुख्य फोकस न केवल बैठकों के आयोजन पर है, बल्कि उनके माध्यम से धरातल पर हरित विकास योजनाओं को लागू करने पर भी है। बचे हुए लक्ष्यों को भी समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

By admin

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