सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के 9 जुलाई के उस फैसले पर हैरानी और आपत्ति व्यक्त की, जिसमें बंद कमरे में महिला का सीना दबाना और सलवार उतारने की कोशिश को ‘रेप की कोशिश’ नहीं माना गया और आरोपी को बरी कर दिया गया
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “जजों को संवेदनशील होना चाहिए। उन्हें रिसर्च करनी चाहिए। बिना गहन कानूनी पड़ताल के फैसले दिए जा रहे हैं।”कोर्ट ने इस फैसले की विस्तृत समीक्षा कर विस्तृत आदेश जारी करने का फैसला किया
यह टिप्पणी इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक समान मामले (नाबालिग का स्तन पकड़ना, पायजामा की डोरी तोड़ना) की सुनवाई के दौरान आई जब वकील ने पटना हाईकोर्ट का हवाला दिया
