लखनऊ लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव द्वारा जाट जातीय सम्मेलन पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इसे समाज में जहर घोलने और लोगों को आपस में बांटने की सोची-समझी साजिश बताया।

उन्होंने कहा, जातीय सम्मेलन के नाम पर राजनीति करना केवल सत्ता हासिल करने का हथकंडा है। इससे समाज में आपसी भाईचारा कमजोर होता है और देश की एकता पर सीधा खतरा पैदा होता है।

प्रदेश की राजनीति में कुछ दल जानबूझकर जाति और धर्म के आधार पर लोगों को विभाजित कर रहे हैं, ताकि चुनावी लाभ लिया जा सके। यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सुनील सिंह ने प्रदेश के बीजेपी मुखिया के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में जातीय राजनीति के खिलाफ है, तो उसे ऐसे आयोजनों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। केवल बयान देने से स्थिति नहीं बदलेगी। उन्होंने आज अपने बयान में कहा,देश और प्रदेश के युवाओं को रोजगार, शिक्षा और विकास की जरूरत है, न कि जातीय और धार्मिक विभाजन की राजनीति।

लोकदल अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोकदल हर उस ताकत के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करेगा, जो समाज में नफरत और विभाजन फैलाने का काम कर रहे है।

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