मेरठ के मंडलायुक्त रहे IAS ह्रषिकेश भास्कर यशोद ने सुप्रीमकोर्ट के “सेन्ट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण आदेश” के खिलाफ “प्रमुख नेताओं” के दबाब में एक आर्डर जारी किया जिसमें “ध्वस्तीकरण अब नही होगा” लिखा गया था. प्रदेश के आवास विकास चेयरमैन पी. गुरूप्रसाद ने SC को बताया- “कमिश्नर के आर्डर की वजह से विभाग SC के आदेश का अनुपालन नही कर सका.”

पूर्व कमिश्नर ने अपने ही आदेश को “मीटिंग की मिनिट्स” बताकर सुप्रीमकोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की. IAS को आईना दिखाते हुए SC के जज ने कमिश्नर का आर्डर अदालत में ही पढ़ दिया. कहा- “आप इसे मिनिट्स कहते है, आपको आर्डर और मिनिट्स की समझ नही है. आपने यह आर्डर कैसे पास किया? किसने आपको ऑथोराइज किया इसके लिए?”

“आपको यह मीटिंग करने, आर्डर करने के लिए किसने कहा. आपको इस कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराना था. आपने इस अदालत को चुनौती दी है.”

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