लखनऊ राजधानी के निशातगंज फ्लाईओवर के नीचे मंदिर के पास, पुलिस चौकी से महज लगभग 20 कदम की दूरी पर बीच चौराहे पर खुलेआम ई-रिक्शों की चार्जिंग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। सवाल उठ रहा है कि सार्वजनिक स्थान पर यह बिजली कनेक्शन कैसे मिला और इसकी निगरानी कौन कर रहा है।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, ओवरचार्जिंग, खराब वायरिंग, ढीले प्लग और दोषपूर्ण सॉकेट के कारण आग लगने, बैटरी फटने और करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से लिथियम-आयन बैटरी वाले ई-रिक्शों में कंपनी द्वारा अनुशंसित चार्जर और सुरक्षित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) का उपयोग अनिवार्य माना जाता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल जांच कर कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

