प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ था. उनका परिवार सामान्य और संस्कारों से जुड़ा हुआ बताया जाता है. छात्र जीवन में ही उनकी रुचि सामाजिक काम और लोगों से जुड़े मुद्दों में बढ़ने लगी थी. राजनीति में आने से पहले उन्होंने कारोबार और सामाजिक गतिविधियों में भी काम किया. अपने लंबे राजनीतिक सफर में उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर काम किया है. अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने से उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय कैबिनेट में शामिल मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया है. प्रह्लाद जोशी वर्तमान में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री हैं. इसके साथ ही, वे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग यानी न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी विभाग के भी केंद्रीय मंत्री हैं और अब पीएम मोदी ने उन्हें अपनी सरकार में शिक्षा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंप दी है.
लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव वाले प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने संगठन से लेकर केंद्र सरकार तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे मोदी सरकार में अब तक कई अहम मंत्रालयों का कमान संभाल चुके हैं.
संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर प्रह्लाद जोशी ने संसद के दोनों सदनों के कामकाज में अहम भूमिका निभाई. उनके कार्यकाल के दौरान महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जम्मू-कश्मीर से जुड़े बदलाव और तीन तलाक कानून जैसे कई बड़े कानून संसद से पास हुए. सरकार में रहते हुए उन्होंने संसद की कार्यवाही को बेहतर तरीके से चलाने पर भी ध्यान दिया. अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर काम करने की उम्मीद की जा रही है.
प्रह्लाद जोशी को राजनीति और संसद में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है. वह लंबे समय से बीजेपी के साथ जुड़े हुए हैं और पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. मई 2019 से जून 2024 तक वह केंद्रीय मंत्री के तौर पर संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय संभाल चुके हैं. इस दौरान उन्होंने संसद के कामकाज को सुचारू रखने और कई बड़े कानूनों को पास कराने में भूमिका निभाई. उनके राजनीतिक अनुभव को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय की नई जिम्मेदारी भी अहम मानी जा रही है.
प्रह्लाद जोशी के पास नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है. उनके कार्यकाल में देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है. सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी पहल का मकसद घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा देना है. इसके अलावा उन्होंने कोयला और खनन से जुड़े मंत्रालयों में भी काम किया है. उनके काम में ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और देश को आत्मनिर्भर बनाने जैसे मुद्दे अहम रहे हैं.
