लखनऊ दुबग्गा में संचालित हो रही कथित बकरा मंडी को लेकर नया विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों और भूमि स्वामियों ने आरोप लगाया है कि मंडी को परंपरागत अनुमति के नाम पर भ्रमित तरीके से संचालित कराया जा रहा है तथा अवैध वसूली भी की जा रही है।
आरोप है कि जिस भूमि का खसरा निहाल नामक व्यक्ति के नाम दर्ज है, वहां कथित रूप से जावेद नामक व्यक्ति को “फर्जी अनुमति” के आधार पर मंडी लगाने की छूट दी गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पहले जिस “निहाल” के नाम से पारंपरिक अनुमति जारी होती थी, उसी नाम का सहारा लेकर वर्तमान संचालन कराया जा रहा है।
मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के स्थानीय अधिकारियों, विशेषकर दुबग्गा पुलिस पर संरक्षण देने और कथित वसूली कराने के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने और भूमि अभिलेखों व अनुमति पत्रों की सत्यता सार्वजनिक करने की मांग की है। विवाद बढ़ने के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है। प्रथम दृष्ट्या इस प्रकरण में वर्तमान दुबग्गा थाना प्रभारी श्रीकांत राय और पूर्व थाना प्रभारी अभिनव वर्मा की मिलीभगत की बात भी सामने आ रही है। अब देखना यह है कि यह मंडी नियमता जिसकी जमीन है उसके संचालन की अनुमति मिलेगी या नहीं या फिर पुलिस वसूली कर अवैध मंडी चलावाएगी।
