पहली बार चैत्र मास की पूर्णिमा को (मुख्य जयंती) और दूसरी बार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (नरक चतुर्दशी के दिन) को मनाई जाती है। चूँकि विभिन्न परंपराओं में हनुमान जी का जन्म अलग-अलग तिथियों पर माना जाता है, इसलिए ये दोनों तिथियाँ मनाई जाती हैं।
चैत्र पूर्णिमा: यह हनुमान जी का जन्म दिवस माना जाता है।
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी: इस दिन हनुमान जी को विशेष शक्तियां या अमरता प्राप्त हुई थी।
2 अप्रैल (गुरुवार) को मनाया जाएगा। यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। 2026 में पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल की रात से शुरू होकर 2 अप्रैल की शाम तक रहेगी, इसलिए उदयातिथि के अनुसार 2 अप्रैल को ही पूजा व उत्सव मुख्य रूप से होगा।

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