खूफिया लोगों की गुप्त योजना है। हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं लेकिन जिस जल्दबाजी में इसे लाया जा रहा है हम उसके खिलाफ हैं। जनगणना होगी तो देश जातिगत जनगणना मांगेगा और जातिगत जनगणना होगी तो देश आरक्षण मांगेगा लेकिन वे इन सबसे बचना चाहते हैं। ये पीड़ित, दलित, मुस्लिम, पिछड़ा आदि आबादी के खिलाफ लोग हैं। देश में हम आंकड़ें देखें तो आरक्षण के साथ-साथ संरक्षण की भी जरूरत है। ये सशक्तिकरण नहीं है बल्कि ये तुष्टिकरण के लिए है। हम पिछड़ों की आबादी यदि 66% भी मानकर चलें तो आप 33% को आरक्षण दे रहे हैं कि 33% महिलाओं का अधिकार छीन रहे हैं? महिला आरक्षण के हम पक्ष में है लेकिन जिस तरह से परिसीमन होगा, जनगणना नहीं हो रही, 2011 के आधार पर आंकड़ें तय होंगे, उसके हम विरोध में हैं

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By admin

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