ये दैनिक भास्कर की पत्रकार महिमा सिंह हैं. इन्होंने वो कर दिखाया है, जो बड़े बड़े पत्रकार पूरे जीवन नहीं कर पाते. महिमा अपनी पहचान छुपाकर पांच दिनों तक रेड लाइट एरिया में रही. अपनी जान जोखिम में डालकर महिमा ने साहसिक स्टिंग ऑपरेशन किया. इस दौरान जो सच सामने आया, वह चौंकाने वाला है.

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पांच दिनों में महिमा सिंह को तीन बार “खरीदा और बेचा” गया, महिमा के साथ वो सलूक हुआ, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। अपनी रिपोर्ट में महिमा ने बताया कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश से लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाया जाता है, फिर उन्हें आर्केस्ट्रा ग्रुपों के नाम पर बेच दिया जाता है।

एक बार इस चक्रव्यूह में फंसने के बाद निकलना लगभग असंभव हो जाता है. लड़कियों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक होता है. इस रिपोर्ट के लिए महिमा सिंह की जितनी तारीफ की जाए कम है.

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