नोएडा में लोकसभा के एक अधिकारी ने अपने फ्लैट में फंदा लगाकर जान दे दी। रविवार को पत्नी जब मायके से लौटकर घर पहुंचीं तो फ्लैट अंदर से बंद मिला। दरवाजा खुलवाया गया तो अधिकारी का शव पंखे से लटका मिला। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
मौके से पुलिस को 15 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें अधिकारी ने अपनी मौत के लिए किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने लिखा कि करीब 70 लाख रुपए के कर्ज और फिजूलखर्ची की वजह से वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। घटना सेक्टर-82 के केंद्रीय विहार-2 सोसायटी की है।
पत्नी लौटीं तो अंदर से बंद था फ्लैट
पुलिस के मुताबिक, 40 वर्षीय गौरव गौतम अपनी पत्नी और बेटे के साथ केंद्रीय विहार-2 सोसायटी में रहते थे। रविवार को उनकी पत्नी मायके से वापस लौटीं तो फ्लैट अंदर से बंद मिला। उन्होंने कई बार फोन किया और दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद सोसायटी के गार्ड की मदद से दरवाजा खुलवाया गया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
दरवाजा खुलते ही गौरव पंखे से फंदे पर लटके मिले। परिजन बिना देर किए उन्हें यथार्थ अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए।
सुसाइड नोट में लिखा- मेरी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं
पुलिस को कमरे से 15 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें गौरव ने साफ लिखा कि उनकी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए। उन्होंने बताया कि फिजूलखर्ची के कारण उन पर करीब 70 लाख रुपए का कर्ज हो गया था। इसी आर्थिक बोझ की वजह से वह लंबे समय से मानसिक तनाव झेल रहे थे।
परिवार बोला- कभी नहीं बताई थी परेशानी
सुसाइड नोट पढ़ने के बाद परिवार भी हैरान है। परिजनों का कहना है कि गौरव ने कभी किसी से कर्ज या आर्थिक परेशानी का जिक्र नहीं किया। अगर उन्होंने परिवार से बात की होती तो सभी मिलकर कोई न कोई रास्ता जरूर निकाल लेते।
पुलिस ने पूरी की कानूनी कार्यवाही
एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि इस मामले में परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
