images 13
9 / 100 SEO Score

प्रदर्शनकारियों पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर एमनेस्टी इंटरनेशनल ने चिंता जताई है.

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि भारत में शांतिपूर्ण विरोध की आवाज़ को दबाया जा रहा है और प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल का अनुचित इस्तेमाल किया गया है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के बोर्ड चेयरपर्सन आकार पटेल ने कहा, “जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से सामने आई तस्वीरें और रिपोर्ट दिखाती हैं कि भारत में शांतिपूर्ण विरोध की आवाज़ को दबाया जा रहा है.”

“ख़बरों के अनुसार, पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल का अनुचित इस्तेमाल किया और उन्हें संसद तक पहुँचने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए. अधिकारियों ने मेट्रो सेवाएँ और मोबाइल इंटरनेट भी बंद कर दिए, जिससे शांतिपूर्ण तरीक़े से इकट्ठा होने के अधिकार पर और रोक लगी.”

उन्होंने आगे कहा, “अधिकारियों की भूमिका शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की सुरक्षा करना और उन्हें आसान बनाना है, न कि उन्हें दबाना. शांतिपूर्ण तरीक़े से इकट्ठा होने की आज़ादी का अधिकार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून और भारतीय संविधान में मान्यता प्राप्त है.”

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों के हिसाब से सही, ज़रूरी और सीमित कार्रवाई की.

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा, “हम दिल्ली पुलिस से अपील करते हैं कि वह धैर्य रखें और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के ख़िलाफ़ ग़लत तरीक़े से बल का इस्तेमाल तुरंत बंद करें. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुलिसकर्मियों पर डंडे चलाने, आंसू गैस छोड़ने और पत्थर फेंकने जैसे आरोपों की जल्द, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की जाए.”

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *