नई पार्टी एनसीपीआई बैठक से नदारद एक तरफ जहां एनडीए एकजुटता दिखा रहा है, वहीं नवगठित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया इस संयुक्त बैठक में शामिल नहीं हुई। एनसीपीआई में एनडीए का समर्थन करने वाले तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद शामिल हैं। यह गुट बैठक से इसलिए दूर रहा क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष ने अभी तक एनसीपीआई के बैनर तले इस समूह के विलय को औपचारिक मान्यता नहीं दी है।

ज्ञात हो कि विद्रोही टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में एनसीपीआई ने रविवार को अपने स्वतंत्र संसदीय दल की पहली बैठक आयोजित की थी।
स्थानीय मुद्दों पर सुदीप बंद्योपाध्याय का बयान
रविवार की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए सुदीप बंद्योपाध्याय ने स्पष्ट किया कि सदन के भीतर उनके समूह के बैठने की व्यवस्था, डिवीजन नंबर और एक अलग विधायी ब्लॉक को स्वीकार कर लिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि आज पहली बार एनसीपीआई संसदीय दल की बैठक हुई। हमारे सीटों का आवंटन, डिवीजन नंबर और अलग ब्लॉक को स्वीकार कर लिया गया है। हमने एनडीए सरकार को अपना समर्थन देने का फैसला किया है और चर्चा के लिए जो भी मुद्दे पटल पर रखे जाएंगे, हम उनमें पूरी तरह भाग लेंगे।
हम यह भी मानते हैं कि सदन सुचारू रूप से चलना चाहिए। यदि किसी सदस्य को पश्चिम बंगाल में अपने निर्वाचन क्षेत्र के संबंध में कोई कठिनाई आती है, तो हम इस मुद्दे को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन स्थानीय मुद्दों को दिल्ली नहीं लाया जाना चाहिए।
