लखनऊ बुधवार को लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र के नेतृत्व में कृषि उत्पादन मण्डी परिषद उत्तर प्रदेश के मण्डी निदेशक को जियो टैगिंग व्यवस्था से उत्पन्न व्यावहारिक एवं प्रशासनिक कठिनाइयों के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश के बाहर से आने वाले कृषि उत्पादों पर पहले से ही प्री-अराइवल स्लिप की अनिवार्य व्यवस्था लागू है जिसके माध्यम से संबंधित व्यापारी स्वयं कर देयता स्वीकार करता है तथा सम्पूर्ण विवरण विभाग के पास उपलब्ध रहता है।

ऐसी स्थिति में उसी माल पर जियो टैगिंग की अतिरिक्त व्यवस्था लागू करना अनावश्यक दोहरावपूर्ण एवं व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला कदम है।व्यापार मंडल ने कहा कि अधिकांश कृषि उपज छोटी-छोटी खेपों अथवा पार्ट लोड के रूप में विभिन्न वाहनों से अपने गंतव्य तक पहुँचती है।

एक ही माल के परिवहन के दौरान कई बार वाहन बदलने की स्थिति उत्पन्न होती है जिससे प्रत्येक बार जियो टैगिंग एवं संशोधन करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इसके अतिरिक्त एक ही वाहन में विभिन्न जिंसों के अलग अलग गेट पास जारी होने के कारण प्रत्येक गेट पास पर अलग अलग जियो टैगिंग करना भी अत्यंत जटिल एवं समय लेने वाली प्रक्रिया है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अधिकांश वाहन चालक तकनीकी रूप से प्रशिक्षित नहीं हैं तथा उनके पास आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं होते।

दुर्घटना वाहन खराब होने अथवा ट्रांसपोर्ट के माध्यम से माल के पुनः स्थानांतरण जैसी परिस्थितियों में जियो टैगिंग की प्रक्रिया का पालन करना अत्यंत कठिन होगा। वहीं नो-एंट्री व्यवस्था के कारण रात्रिकाल अथवा प्रातःकाल होने वाली लोडिंग-अनलोडिंग के समय जियो टैगिंग का निस्तारण करना भी व्यवहारिक नहीं है।

अमरनाथ मिश्र ने कहा कि जहाँ जीएसटी प्रणाली में आवश्यक प्रपत्र सरल एवं कम समय में जारी किए जा सकते हैं वहीं मण्डी परिषद की वर्तमान प्रक्रिया पहले से ही अपेक्षाकृत जटिल है। उस पर जियो टैगिंग की अतिरिक्त अनिवार्यता व्यापार व्यवस्था को और अधिक कठिन बना रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मुख्यतः उपभोक्ता प्रदेश है तथा प्रदेश के बाहर से आने वाले माल पर मण्डी शुल्क प्रथम चरण में ही देय हो जाता है।

एकसूत्रीय मण्डी शुल्क व्यवस्था लागू होने के कारण उसी माल के वितरण एवं परिवहन पर पुनः जियो टैगिंग जैसी जटिल व्यवस्था लागू करने का कोई औचित्य नहीं है।
लखनऊ व्यापार मंडल ने मण्डी निदेशक से मांग की है कि व्यापारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों एवं व्यवसायिक हितों को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान जियो टैगिंग व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित अथवा निरस्त किया जाए जिससे व्यापार सुचारु रूप से संचालित हो सके तथा व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न न हो।

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