दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्वी राजे सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक शख्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं. यशस्वी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ के बीच एक व्यक्ति ने उनके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की, जिसके बाद उन्होंने विरोध करते हुए उसे तीन थप्पड़ मारे. हालांकि, इस मामले पर उनके पिता विक्रम सिंह ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है.
यशस्वी राजे सिंह ने अपनी Instagram पोस्ट में बताया कि 24 जुलाई को वह अपनी बहन के साथ जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन में शामिल थीं. उनके मुताबिक, वह प्रदर्शन स्थल पर मंच के पास मौजूद थीं और इसी दौरान भीड़ के बीच से निकलने की कोशिश कर रही थीं. तभी एक बैरिकेड गिर गया और वहां कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. यशस्वी का आरोप है कि इसी दौरान उनके पीछे खड़े एक व्यक्ति ने उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की और जबरदस्ती गलत हरकतें करने लगा. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इसका विरोध किया और आरोपी को रोकने के लिए उसे तीन थप्पड़ मारे.
व्यवहार पर भी लगाए आरोप
यशस्वी राजे सिंह ने अपनी पोस्ट में घटना के बाद वहां मौजूद कुछ वालंटियर्स के व्यवहार पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि आरोपी को रोकने के बजाय कुछ लोगों ने उन्हें ही डांटना शुरू कर दिया. यशस्वी के अनुसार एक पुरुष वालंटियर लगातार इस बात को लेकर उन पर नाराजगी जाहिर कर रहा था कि वह प्रदर्शन स्थल पर क्यों मौजूद थीं. वहीं, दूसरे वालंटियर ने कथित तौर पर मामले को हल्का बताते हुए कहा कि “ऐसी गलतियां तो होती रहती हैं.”
यशस्वी के आरोपों के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी आधिकारिक कार्रवाई या शिकायत की जानकारी सामने नहीं आई है. इससे पहले भी यशस्वी राजे सिंह अपनी सोशल मीडिया पोस्ट और लाइफस्टाइल से जुड़ी तस्वीरों को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं. फिलहाल उनकी Instagram पोस्ट में लगाए गए आरोपों को लेकर बहस जारी है.
इस पूरे मामले पर जब पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने घटना की जानकारी होने से इनकार किया. विक्रम सिंह ने कहा कि ‘उन्हें इस कथित घटना की कोई जानकारी नहीं है. इस बारे में उनकी पत्नी अधिक जानकारी दे सकती हैं.’ बता दें विक्रम सिंह फतेहपुर सदर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. वह उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी.
विक्रम सिंह का जन्म 20 मई 1967 को आगरा में हुआ था. उनके पिता स्वर्गीय आरके सेंगर पूर्व रक्षा अधिकारी थे. उन्होंने शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालयों से हासिल की और इसके बाद प्रयागराज के इवन क्रिश्चियन कॉलेज से पढ़ाई की. कॉलेज के दौरान वह छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और वर्ष 1987 में साइंस साइट से अध्यक्ष चुने गए. बाद में उनका संपर्क पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा और पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह जैसे नेताओं से हुआ. वर्ष 2010 में उन्होंने तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली. साल 2014 के उपचुनाव में वह फतेहपुर सदर सीट से विधायक बने और 2017 में दोबारा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे.
