ईरान ने पाकिस्तान के जरिए भेजे गए 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव युद्धविराम (ceasefire) की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा था, लेकिन तेहरान ने इसे अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप नहीं माना।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि:
किसी भी तरह की युद्धविराम बातचीत तभी होगी जब वह पूरी तरह ईरान के राष्ट्रीय हितों के अनुरूप होगी।
इस फैसले से साफ है कि:
ईरान दबाव में कोई समझौता करने के मूड में नहीं है बातचीत के लिए अपनी शर्तों पर ही आगे बढ़ेगा,मध्यस्थता की कोशिशों को भी सीमित तौर पर स्वीकार कर रहा है,Middle East में जारी तनाव के बीच यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में हालात और गंभीर बना सकता है।
