उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में नेटवर्किंग और विदेशी मुद्रा व्यापार (Forex Trading) के नाम पर लूट का एक ऐसा खेल चल रहा है, जिसने आम जनता की गाढ़ी कमाई को चंद मिनटों में राख कर दिया है। जहाँ एक तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ इन माफियाओं को रडार पर ले रही है, वहीं स्थानीय स्तर पर एलआईयू विभाग की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े कर रही है। आखिर क्यों पुलिस की नाक के नीचे करोड़ों का यह ‘नेटवर्किंग जाल’ फैलता जा रहा है?
आपको बता दें कि सहारनपुर में इन दिनों फोरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराने वाले गिरोह सक्रिय हैं। सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर यह है कि इस खेल का मास्टरमाइंड हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला राणा बताया जा रहा है। ठगी के इन पैसों से राणा अब भारत छोड़ दुबई में अपना विशाल साम्राज्य खड़ा कर रहा है। शहर के ही भंवर सिंह,अमित धीमान और उसका साथी इस सिंडिकेट का मुख्य चेहरा हैं।
बताया जा रहा है कि भंवर सिंह, अमित धीमान और इनके कुछ साथी हाल ही में इसी तरह की नेटवर्किंग ठगी के मामले में जेल की हवा खा चुके हैं। ये लोग पहले कई फ़र्ज़ी कंपनी बनाकर ठगी कर चुके हैं जिसमे कॉइन स्टेक के नाम पर करोड़ों की ठगी कर चुके हैं जिसे बाद में बंद कर दिया गया।हैरानी की बात यह है कि इनका तीसरा मुख्य साथी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और खुलेआम नेटवर्क को संचालित कर रहा है।
इन ठगों का तंत्र केवल सहारनपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि देहरादून, यमुनानगर और हरिद्वार में भी पैर पसार चुका है। ट्रेडिंग एप्स के माध्यम से सारा पैसा डॉलर में बदलकर सीधे दुबई भेजा जा रहा है। भोली-भाली जनता को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर यह माफिया करोड़ों डकार चुके हैं।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित राहुल पटेल ने हिम्मत दिखाई। राहुल ने इस बड़े घोटाले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री पोर्टल और प्रधानमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई है। शिकायत के बाद अब यूपी पुलिस और एसटीएफ की टीमें इन माफियाओं की कुंडली खंगाल रही हैं।
सवाल यह है कि जब करोड़ों का लेन-देन हो रहा था और अपराधी जेल जा रहे थे, तब सहारनपुर का एलआईयू (LIU) विभाग क्या कर रहा था? क्या विभाग वाकई ‘कुंभकर्णी नींद’ सो रहा है या फिर इस चुप्पी के पीछे कोई और बड़ी वजह है?
सहारनपुर में नेटवर्किंग माफिया का कोहराम, करोड़ों की ठगी कर दुबई में बस रहा साम्राज्य















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