उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कोहंडौर थाना क्षेत्र के मड़फापुर बाजार में मंगलवार दोपहर एक पूर्व सैनिक (जीजा) ने पारिवारिक विवाद के चलते अपने सगे साले की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी जीजा ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर साले के मेडिकल स्टोर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस घटना के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपी को पकड़कर जमकर पीटा।
घायल युवक देवेंद्र यादव बहुत सीधा व सरल किस्म का व्यक्ति था। विदित हो कि देवेंद्र यादव(45 वर्ष) गरये निवासी मदाफरपुर बाजार में मेडिकल स्टोर चलाता था। मंगलवार को वह अपने मेडिकल स्टोर पर मौजूद था। इसी दौरान उसका सिरफिरा जीजा कपिल यादव निवासी खानापुर थाना पीपरपुर जिला सुलतानपुर वहां पहुंचा और किसी बात को लेकर विवाद किया। विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से देवेंद्र को तो गोली सिर में और एक गोली पैर में मार दी। गोली लगते ही देवेंद्र मौके पर ही गिर गया और तड़फड़ाने लगा। स्थानीयों ने मामले को सुनते ही पुलिस को सूचना दी स्थानीय पुलिस आनन फानन पुलिस ने घायल देवेंद्र व उसके बहनोई को सीएचसी कोहड़ौर ले गई,जहां प्राथमिक चिकित्सा करते हुए चिकित्सा अधीक्षक ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। विदित हो कि आरोपी कपिल रिटायर्ड फौजी है वह वर्तमान में सुलतानपुर जिला अस्पताल में गार्ड के रूप सर्विस करता है।
गोली चलने की आवाज सुनते ही बाजार में अफरा तफरी मच गया। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही देवेंद्र गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। सूत्रों के मुताबिक कपिल व उसकी बहन प्रियंका से किसी बात को लेकर बात बतंगड़ हुई थी, जिसकी वजह से देवेंद्र ने अपनी बहन को 17 अगस्त दिन सोमवार को उसके घर से अपने घर लिववा आया था,जिससे खुन्नस खाये आरोपी बहनोई ने इतनी घटना को अंजाम दे दिया, और अंजाम देकर आरोपी मौके से भागने का प्रयास करने लगा। हालांकि बाजारवासियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आरोपी को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
सूचना मिलते ही कोहंडौर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी में घटनास्थल की जांच की गई। गोलीबारी की घटना के बाद बाजार में काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही।
बताया जा रहा है कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे पारिवारिक विवाद की बात सामने आ रही है। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और गोली चलाने की नौबत क्यों आई, इसका स्पष्ट खुलासा पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
कोहंडौर थाना प्रभारी अनुपम त्रिपाठी ने बताया कि युवक को गोली लगी है और उसकी हालत नाजुक है। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार के दौरान देवेंद्र की मृत्यु हो गई। मौत की पुष्टि होते ही पुलिस ने शव को कब्जे लेकर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।बताते चलें कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगालने का कार्य कर रही है।
दिनदहाड़े बाजार में गोली चलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस बाजार में दिनभर लोगों की आवागमन रहता है, वहां इस तरह गोली चलने से स्थानीय लोगों में भय व आक्रोश का भी माहौल है। दुकानदारों का कहना है कि बाजार में अचानक हुई इस घटना से हर कोई सहम गया।
फिलहाल पुलिस ने घायल आरोपी को हिरासत में लेकर उसको अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती करा रखा है ,जहां घायल आरोपी का उपचार जारी है। घायल देवेंद्र यादव की उपचार दौरान मौत से परिजनों व बाजार में मातम पसर गया। अब पुलिस की जांच में यह साफ होगा कि पारिवारिक विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और आखिरकार मामला गोलीकांड तक कैसे पहुंचा। घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर मौके पर जांच में एसपी दीपक भूकर व सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा;
एसपी दीपक भूकर ने मामले को पारिवारिक विवाद व बहनोई के खुन्नस को घटना का कारण बताया है। सूत्रों के मुताबिक मृतक तीन भाई व एक बहन है। देवेंद्र की लाडली बहन प्रियंका की शादी 2006 में हुई थी, प्रियंका के भी दो बच्चे हैं। मृतक देवेंद्र के पिता ने तीनों भाइयों को व्यवसाय करवा दिया था। मृतक कपड़ा का व्यवसाय व मेडिकल स्टोर भी चलाता था। मृतक का हंसी खुशी से भरा परिवार अपनी बहन व बहनोई के विवाद में खत्म हो गया। मृतक देवेंद्र के भी दो बच्चे हैं। बच्चों व पत्नी एवं माता पिता का रो रोकर बुरा हाल है। देवेंद्र को क्या पता कि बहन को लेकर जाना ही मेरी मौत कारण बन जाएगा।
