दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच रिपोर्ट बुधवार को लोक सभा में पेश होगी. जांच समिति ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच की है.
पिछले साल मार्च में उनके सरकारी घर से जले हुए नोट मिले थे. इसके बाद उनका तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया था.हालांकि उन्होंने अपने पद से इस साल नौ अप्रैल को इस्तीफ़ा दिया था, लेकिन राष्ट्रपति ने स्वीकार नहीं किया. उनका नाम इलाहाबाद हाई कोर्ट में लिस्टेड है. यह अलग बात है कि 200 से अधिक सांसदों ने उन्हें हटाने की याचिका स्पीकर को दी थी.
स्पीकर ने भी तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था. इसी समिति की रिपोर्ट बुधवार को पेश होगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है. हालाँकि यह बहस चल रही है कि इस्तीफ़ा देने के बावजूद भी क्या देश की संसद उन्हें हटा सकती है? यह अपनी तरह का पहला मामला है…
