वाराणसी वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच जब एनसीसी कैडेटों ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया तो परिसर में भारतीय ज्ञान-परंपरा और सैन्य अनुशासन का अनूठा संगम दिखाई दिया, बुधवार को एनसीसी ग्रुप मुख्यालय वाराणसी बी ने प्रो. शर्मा को मानद कर्नल रैंक से अलंकृत किया।
एनसीसी ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार ने यह रैंक प्रदान करते हुए कहा कि शिक्षा, युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और विश्वविद्यालय में एनसीसी की गतिविधियों को बढ़ावा देने में प्रो. शर्मा के योगदान का यह सम्मान है, रैंक मिलने के बाद कैडेटों का अनुशासित कदमताल और गार्ड ऑफ ऑनर समारोह का सबसे भावपूर्ण क्षण रहा।
सम्मान से अभिभूत प्रो. शर्मा ने इसे अपना व्यक्तिगत सम्मान मानने से इन्कार करते हुए कहा कि यह पूरे विश्वविद्यालय परिवार, आचार्यों की परंपरा, विद्यार्थियों के परिश्रम और अधिकारियों-कर्मचारियों के समर्पण का गौरव है, उन्होंने कहा कि मानद कर्नल का अलंकरण उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि अनुशासन, कर्तव्य और राष्ट्रसेवा के प्रति नया संकल्प है।
उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं, शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें चरित्र, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और सेवा-भाव भी विकसित होना चाहिए, एनसीसी इस दिशा में युवाओं को तैयार करने का प्रभावी माध्यम है।
प्रो. शर्मा ने कहा कि संस्कृत, भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों की विश्वविद्यालय की समृद्ध परंपरा को एनसीसी के अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से जोड़कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने विश्वविद्यालय में एनसीसी की गतिविधियों को और व्यापक बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
समारोह का आरंभ वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलाचरण से हुआ, दीप प्रज्ज्वलन के बाद रैंक प्रदान की गई, लोकनृत्य और लोकगीत की प्रस्तुतियों ने आयोजन में भारतीय संस्कृति की आत्मीय छटा भी बिखेरी।
इस अवसर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी, केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. डॉ. वांगचुक दोरजे नेगी, आईयूसीटीई निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह, एनसीसी ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार समेत एनसीसी अधिकारी, विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और कैडेट उपस्थित रहे।
