कोलंबिया में कल आए भारी भूकंप से अब तक 111 लोगों की मौत, 87 घायल। बड़ी संख्या में इमारतें ध्वस्त हुईं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, राहत एवं बचाव कार्य जारी।
पश्चिमी कोलंबिया में भूकंप से भारी तबाही के बाद राष्ट्रपति ने इमरजेंसी लागू कर दी है। भूकंप से मरने वालों की संख्या 111 पहुंच गई है और यह आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि बहुत लोग अभी मलबे में दबे हुए हैं।
कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के एक जबरदस्त भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस भूकंप में अब तक कम से कम 111 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 87 लोग घायल हैं। भूकंप के चलते कई शहरों में इमारतें जमीदोंज हो गईं, जिसके मलबे में और भी लोग दबे हो सकते हैं। कोलंबिया की जियोलॉजिकल सर्विस ने इसे पिछले एक दशक में देश में दर्ज किया गया सबसे तेज भूकंप बताया है। इस बीच कोलंबिया के नए राष्ट्रपति ने भूकंप के बाद राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए इमरजेंसी घोषित कर दी है।
राष्ट्रपति एबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने कहा, राष्ट्रीय सरकार लोगों की जान बचाने, प्रभावित समुदायों की मदद करने और जरूरत वाले हर इलाके तक सहायता पहुंचाने के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल कर रही है। सिर्फ तीन दिन पहले राष्ट्रपति पद संभालने वाले एस्प्रिएला ने बताया कि भूकंप में 111 लोगों की मौत हुई और 87 घायल हुए। 1000 से ज्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचा है!
जमीन से 107 किमी नीचे था केंद्र
7.4 तीव्रता का यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:34 बजे पश्चिमी कोलंबिया में आया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) और कोलंबिया की जियोलॉजिकल सर्विस के अनुसार, भूकंप का केंद्र चोको इलाके में जमीन से लगभग 107 किमी की गहराई में था। यह इलाका राजधानी बोगोटा से 400 किमी पश्चिम में है।
भूकंप के बाद रोकी गईं उड़ानें
भूकंप के बाद 2.8 और 4.8 तीव्रता को दो झटके महसूस किए गए। प्रभावित इलाके में हवाई अड्डों पर उड़ाने रोक दी गईं।
कोलंबिया की फुटबॉल गवर्निंग बॉडी ने भी आने वाले मैच टाल दिए। पास का शहर परेरा सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में रहा है। परेरा के मेयर ने मौरिसियो सालाजार ने बताया कि बहुत से लोग जमींदोज हुई इमारतों के मलबे के नीचे दबे हुए हैं। देश की राजधानी बोगोटा में भी झटके महसूस किए गए। इमारतों में दरारें आ गईं, लेकिन किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
कोलंबिया भूकंप के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में है। यहां हर महीने हजारों छोटे भूकंप आते हैं, लेकिन 6.0 या उससे ज्यादा वाले भूकंप कम ही आते हैं।
1999 में देश के कॉफी क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 1000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
सोमवार का भूकंप पड़ोसी देश वेनेजुएला में जून के आखिर में आए दो जबरदस्त भूकंपों के कुछ हफ्ते बाद आया है। वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले ये ये भूकंप हाल के वर्षं में देश में आए सबसे खतरनाक भूकंपों में से एक थे, जिसमें 6000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
