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शनिवार १७ अक्टूबर २०२६

सूर्योदय: – ०६:२४
सूर्यास्त: – १८:००
चन्द्रोदय: – १२:१८
चन्द्रास्त: – २२:५१
अयन – दक्षिणायन
ऋतु: 🌧️ शरद
शक सम्वत: – १९४८ (पराभव)
विक्रम सम्वत: – २०८३ (रौद्र)
युगाब्द (कलि संवत) – ५१२८
मास – आश्विन
पक्ष – शुक्ल
तिथि – सप्तमी (पूर्ण रात्रि तक)
नक्षत्र – मूल (०९:४७ से पूर्वाषाढ़ा)
योग – अतिगण्ड (२३:०३ से सुकर्मा)
प्रथम करण – गर (१९:११ तक)
द्वितीय करण – वणिज (पूर्ण रात्रि तक)

॥गोचर ग्रहा:॥

सूर्य – कन्या
चंद्र – धनु
मंगल – कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)
बुध – तुला (उदित, पूर्व, मार्गी)
गुरु – कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)
शुक्र – तुला (अस्त, पश्चिम, वक्री)
शनि – मीन (उदित, पश्चिम, वक्री)
राहु – कुम्भ
केतु – सिंह

॥शुभाशुभ मुहूर्त विचार॥
=========≈=======
अभिजित मुहूर्त – ११:४९ से १२:३५
रवि योग – ०६:२४ से ०९:४७
विजय मुहूर्त – १४:०८ से १४:५४
गोधूलि मुहूर्त – १८:०० से १८:२४
सायाह्न सन्ध्या – १८:०० से १९:१४
निशिता मुहूर्त – २३:४७ से २४:३७+
ब्रह्म मुहूर्त – २८:४५+ से २९:३५+
प्रातः सन्ध्या – २९:१०+ से ३०:२४+
राहुकाल – ०९:१८ से १०:४५
गुलिक काल – ०६:२४ से ०७:५१
यमगण्ड – १३:३९ से १५:०६
दुर्मुहूर्त – ०६:२४ से ०७:११
वर्ज्य – ०७:५९ से ०९:४७
गण्ड मूल – ०६:२४ से ०९:४७
आडल योग – ०९:४७ से ३०:२५+
विडाल योग – ०६:२४ से ०९:४७
बाण – अग्नि (१९:५७ तक)
होमाहुति – बुध (०९:४७ से शुक्र)
दिशा शूल – पूर्व
राहु काल वास – पूर्व
अग्निवास – पृथ्वी
चन्द्रवास – पूर्व
शिववास – भोजन में
कुम्भ चक्र – दक्षिण

चौघड़िया विचार

॥दिन का चौघड़िया॥
१ – काल २ – शुभ
३ – रोग ४ – उद्वेग
५ – चर ६ – लाभ
७ – अमृत ८ – काल
॥रात्रि का चौघड़िया॥
१ – लाभ २ – उद्वेग
३ – शुभ ४ – अमृत
५ – चर ६ – रोग
७ – काल ८ – लाभ
नोट- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

शुभ यात्रा दिशा

(दक्षिण, पश्चिम) अदरक खाकर यात्रा करें॥ पूर्व दिशा शूल है॥
०९:४७ तक नक्षत्र शूल भी पूर्व में है॥

तिथि विशेष
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शुक्ल सप्तमी पूर्ण रात्रि, मूल नक्षत्र ०९:४७ तक गण्ड मूल, तुला संक्रांति, सरस्वती पूजा, नवपत्रिका पूजा, आडल योग, विडाल योग, तृतीय चातुर्मास का २६वाँ दिन, आश्विन नवपद ओली प्रारम्भ, नवरात्रि सप्तम दिवस माँ कालरात्रि पूजा

आज जन्मे शिशुओं का नामकरण

आज ०९:४७ तक जन्मे शिशुओं के नाम मूल नक्षत्र के अनुसार (ये, यो, भा, भी) नामाक्षर से एवम् उसके उपरांत पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के अनुसार (भू, धा, फा, ढा) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥ ०९:४७ तक गण्ड मूल दोष है शांति आवश्यक।

उदय लग्न मुहूर्त

कन्या – ०४:१९ से ०६:३०
तुला – ०६:३० से ०८:४५
वृश्चिक – ०८:४५ से ११:०१
धनु – ११:०१ से १३:०६
मकर – १३:०६ से १४:५२
कुम्भ – १४:५२ से १६:२५
मीन – १६:२५ से १७:५५
मेष – १७:५५ से १९:३६
वृषभ – १९:३६ से २१:३४
मिथुन – २१:३४ से २३:४७
कर्क – २३:४७ से २६:०३+
सिंह – २६:०३+ से २८:१५+

पञ्चक रहित मुहूर्त
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शुभ मुहूर्त – ०६:२४ से ०६:३०
रज पञ्चक – ०६:३० से ०८:४५
शुभ मुहूर्त – ०८:४५ से ०९:४७
चोर पञ्चक – ०९:४७ से ११:०१
शुभ मुहूर्त – ११:०१ से १३:०६
रोग पञ्चक – १३:०६ से १४:५२
शुभ मुहूर्त – १४:५२ से १६:२५
मृत्यु पञ्चक – १६:२५ से १७:५५
रोग पञ्चक – १७:५५ से १९:३६
शुभ मुहूर्त – १९:३६ से २१:३४
मृत्यु पञ्चक – २१:३४ से २३:४७
अग्नि पञ्चक – २३:४७ से २६:०३+
शुभ मुहूर्त – २६:०३+ से २८:१५+
रज पञ्चक – २८:१५+ से ३०:२५+

नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त – (➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥

आज का सुविचार

आज का सुविचार
लोगों के दृष्टिकोण को लेकर ज्यादा मत सोचिए क्योंकि, सबसे ज्यादा वो लोग हमारा मूल्यांकन करते हैं जिनका स्वयं का कोई मूल्य नहीं होता है।

आज का राशिफल

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज चंद्रमा धनु में भाग्य भाव में है, भाग्य प्रबल होगा। तुला संक्रांति पर सूर्य तुला में आ रहा है, सरकारी काम बनेंगे। सरस्वती पूजा से विद्यार्थियों को लाभ होगा। रवि योग में निवेश शुभ है। उपाय – शनिदेव को तेल चढ़ाएं, माँ कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाएं।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज अष्टम में चंद्रमा है, गण्ड मूल ०९:४७ तक होने से स्वास्थ्य का ध्यान रखें। अचानक खर्च होगा, लेकिन नवपत्रिका पूजा से घर में सुख-शांति आएगी। बाण अग्नि होने से लेनदेन टालें। उपाय – सरस्वती जी को सफेद फूल और शनि मंदिर में दीपक जलाएं।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज सप्तम में चंद्रमा है, व्यापार में साझेदारी से लाभ होगा। दाम्पत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा। तुला संक्रांति पर दान करने से अक्षय फल मिलेगा। आडल योग में नया काम शुरू न करें। उपाय – माँ कालरात्रि को लाल फूल और शहद अर्पित करें।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज षष्ठ भाव में चंद्रमा है, शत्रु परास्त होंगे, रोग से मुक्ति मिलेगी। नौकरी में सफलता मिलेगी। सरस्वती पूजा से बुद्धि तेज होगी। आज का दिन प्रतियोगी परीक्षा के लिए उत्तम है। उपाय – माँ कालरात्रि को पीले फूल चढ़ाएं, हनुमान चालीसा पढ़ें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज पंचम में चंद्रमा है, संतान से खुशी मिलेगी, विद्यार्थियों के लिए दिन उत्तम है। नवपत्रिका पूजा से धन-धान्य बढ़ेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। उपाय – सूर्य को जल दें और माँ कालरात्रि को गुड़-तिल का भोग लगाएं।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज चतुर्थ में चंद्रमा है, माता का सुख और भूमि-भवन का लाभ मिलेगा। तुला संक्रांति पर घर में शुभ कार्य करें। मन थोड़ा अशांत रह सकता है। अभिजित मुहूर्त में काम करें। उपाय – दुर्गा जी को बेलपत्र और कालरात्रि माता को गुड़ अर्पित करें।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज सूर्य आपकी राशि में आ गया है, आत्मविश्वास बढ़ेगा। पराक्रम भाव में वृद्धि होगी, भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। सरस्वती पूजा से मान बढ़ेगा। रवि योग में नया काम शुरू करें। उपाय – माँ लक्ष्मी को खीर और कालरात्रि माता को लाल चुनरी चढ़ाएं।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज धन भाव में चंद्रमा है, धन लाभ के प्रबल योग हैं। वाणी से काम बनेंगे। नवपत्रिका पूजा से व्यापार में वृद्धि होगी। गण्ड मूल ०९:४७ तक है इसलिए क्रोध से बचें। उपाय – हनुमान जी को सिंदूर और माँ कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाएं।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आपकी राशि में चंद्रमा है, आत्मविश्वास बढ़ेगा। आश्विन नवपद ओली प्रारम्भ होने से जैन समाज के लिए विशेष दिन है। सरस्वती पूजा से ज्ञान में वृद्धि होगी। आज का दिन आपके लिए सर्वोत्तम है। उपाय – विष्णु जी को पीले फूल और सरस्वती जी को सफेद चंदन चढ़ाएं।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज व्यय भाव में चंद्रमा है, खर्च अधिक रहेगा। विदेश से लाभ होगा। शनिवार होने से शनि की कृपा पाने के लिए दान करें। बाण अग्नि १९:५७ तक होने से निवेश टालें। उपाय – शनि मंदिर में तेल का दीपक जलाएं और माँ कालरात्रि की आरती करें।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आय भाव में चंद्रमा है, आय में वृद्धि होगी, रुका पैसा वापस आएगा। मित्रों से सहयोग मिलेगा। नवपत्रिका पूजा से घर में लक्ष्मी स्थिर होगी। सरस्वती जी की कृपा से मान-सम्मान बढ़ेगा। उपाय – शनिदेव को काले तिल और माँ को गुड़ अर्पित करें।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज कर्म भाव में चंद्रमा है, कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता मिलेगी। बॉस प्रसन्न रहेगा, प्रमोशन के योग हैं। तुला संक्रांति और सरस्वती पूजा होने से आज किया गया शुभ कार्य सिद्ध होगा। विद्यार्थियों के लिए दिन उत्तम है। उपाय – बृहस्पति देव को पीले फूल और माँ कालरात्रि को गुड़-तिल का भोग लगाएं।
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