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लखनऊ –किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में जन्म लेने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र की कलर कॉपी उपलब्ध न होने से अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई सरकारी व अन्य जरूरी कार्यों, विशेषकर आधार कार्ड बनवाने जैसे मामलों में दस्तावेज की स्पष्ट/कलर कॉपी मांगे जाने के कारण अभिभावकों को इसकी जरूरत पड़ती है।

अभिभावकों का कहना है कि जब वे जन्म प्रमाण पत्र की कलर कॉपी लेने के लिए दोबारा KGMU पहुंचते हैं, तो उन्हें एक आवेदन पत्र भरने और आधार कार्ड की प्रति संलग्न कर दोबारा आवेदन करने के लिए कहा जाता है। अस्पताल में इसके लिए बाकायदा एक आवेदन पत्र भी उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें जन्म प्रमाण पत्र की दूसरी कलर कॉपी ई-मेल के माध्यम से भेजने का अनुरोध किया जाता है।

एक ही दस्तावेज के लिए दोबारा लगानी पड़ रही दौड़

परिजनों का कहना है कि बच्चे के जन्म के समय जारी जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी मिलने के बावजूद बाद में उसकी कलर कॉपी की जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर से आवेदन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इससे समय और मेहनत दोनों खर्च होते हैं, खासकर उन अभिभावकों को अधिक दिक्कत होती है जो दूसरे जिलों से इलाज या प्रसव के लिए KGMU आए थे।

आवेदन पत्र में बच्चे का नाम, जन्म की तारीख, पंजीकरण संख्या और आवेदक का नाम-पता, मोबाइल नंबर आदि जानकारी मांगी जाती है। इसके साथ पहचान संबंधी दस्तावेज लगाने की प्रक्रिया भी बताई गई है।

अभिभावकों ने उठाई आसान व्यवस्था की मांग

लोगों का कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज की डिजिटल और कलर कॉपी आसानी से उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी सरकारी कार्यों के लिए लोगों को दोबारा अस्पताल के चक्कर न लगाने पड़ें।

अभिभावकों ने KGMU प्रशासन से मांग की है कि जन्म प्रमाण पत्र की कलर कॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल और ऑनलाइन किया जाए तथा आवेदकों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

सवाल यह है कि जब जन्म प्रमाण पत्र KGMU के रिकॉर्ड में दर्ज है, तो उसकी प्रमाणित कलर कॉपी पाने के लिए अभिभावकों को दोबारा आवेदन और दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया से क्यों गुजरना पड़ रहा है?

By admin

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