संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री गीता गुप्ता जी की अध्यक्षता में आज लखनऊ में मोहान इकाई का विधिवत गठन किया गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों एवं स्थानीय व्यापारियों की उपस्थिति में व्यापार जगत से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता जी ने कहा कि व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। सरकार की नीतियों को प्रभावी बनाने में व्यापारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगठन व्यापारियों की हर समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार के समक्ष प्रभावी रूप से उठाएगा तथा संबंधित अधिकारियों से पत्राचार एवं बैठक के माध्यम से शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा।
राष्ट्रीय महासचिव प्राची पांडे जी ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारियों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने गैस, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों तथा बाजार में फैल रही भ्रामक अफवाहों पर चिंता व्यक्त करते हुए व्यापारियों से सजग रहने की अपील की।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रानू सिंह जी ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन हर व्यापारी के साथ मजबूती से खड़ा है और किसी भी व्यापारी को डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। संगठन उनके हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
वरिष्ठ सदस्य विष्णु शंकर तिवारी जी ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए कार्य करेंगे। वहीं वरिष्ठ एवं अनुभवी निरंकार त्रिपाठी जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए व्यापारियों की समस्याओं के समाधान हेतु कई महत्वपूर्ण एवं सराहनीय सुझाव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान निरंकार त्रिपाठी जी का राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता जी द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर करुणेश प्रताप सिंह, भुवनेश कुमार पांडे , प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक पाल, सुनीता चटर्जी, शिवम सिंह, उदय बहादुर सिंह सहित अनेक व्यापारियों ने भाग लिया तथा अपनी समस्याएं एवं सुझाव संगठन के समक्ष रखे।
अंत में संगठन द्वारा यह संकल्प लिया गया कि व्यापारियों के हितों की रक्षा एवं उनके समुचित विकास के लिए निरंतर संघर्ष किया जाएगा तथा उनकी आवाज को हर स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा।
