4 5
9 / 100 SEO Score

• अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस की नीति का दैनिक अपराध नियंत्रण में प्रयोग होना चाहिये ।
• प्राथमिकता वाले अपराधों एवं संवेदनशील मामलों की जनपद, रेंज एवं जोन स्तर पर होगी दैनिक समीक्षा ।
• फेक न्यूज एवं भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर तत्काल सत्यापन और विधिक कार्रवाई के निर्देश ।
• रक्षाबंधन एवं बारावफात को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और प्रमुख स्थानों पर पुलिस विजिबिलिटी बढ़ाने के दिये गये निर्देश ।
• मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण एवं नियमित समीक्षा की जाये ।
• ‘यक्ष’ ऐप में अपराधियों का सही एवं अद्यतन आपराधिक डाटा दर्ज करने के निर्देश ।
• 60 एवं 90 दिवस से अधिक लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण हेतु विकसित पोर्टल के माध्यम से प्रतिदिन समीक्षा की जाये ।


पुलिस मुख्यालय में राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा प्रदेश के समस्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस आयुक्त, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (प्रभारी जनपद) एवं जनपद के समस्त अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई ।

बैठक में मुख्य रूप से आगामी त्यौहारों यथा रक्षाबंधन, बारावफात आदि को सकुशल सम्पन्न कराये जाने, अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध जीरो टॉलरेन्स की नीति, यक्ष एप की कार्यवाही की समीक्षा, लम्बित विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, मिशन शक्ति केन्द्र तथा अन्य महत्वपूर्ण कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए ।
आज आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में समस्त पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 ने कहा कि “जीरो टॉलरेंस के उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्राथमिकता वाले अपराधों एवं संवेदनशील विषयों के प्रति निरंतर सतर्कता, नियमित समीक्षा, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी जवाबदेही सुनिश्चित करने की कार्यप्रणाली को संस्थागत रूप से सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है।” इसके लिए जरूरी है कि महत्वपूर्ण एवं जनभावना को प्रभावित करने वाले मामलों की नियमित रूप से समीक्षा की जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में तथ्यों के आधार पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद, रेंज एवं जोन स्तर पर एक प्रभावी तंत्र विकसित करते हुए प्राथमिकता वाले मामलों की दैनिक आधार पर समीक्षा एवं मॉनिटरिंग की जाए। इसके अंतर्गत विशेष रूप से लूट, डकैती, छिनैती, छेड़खानी, महिला संबंधी अपराध, धर्म परिवर्तन अथवा लव जिहाद से संबंधित प्रकरण, गोवध एवं गो-तस्करी आदि मामलों पर विशेष सतर्कता रखी जाए तथा प्रतिदिन मॉनिटरिंग किया जाये ।

फेक एवं भ्रामक समाचारों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निर्देशित किया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं विशेष रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की प्रभावी एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। ऐसी किसी भी सूचना के संज्ञान में आते ही उसके तथ्यों का तत्काल सत्यापन किया जाए तथा सूचना सही पाए जाने पर अपेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सोशल मीडिया अथवा अन्य किसी माध्यम से फर्जी, भ्रामक अथवा जानबूझकर तथ्यों को विकृत कर प्रसारित की जाने वाली सामग्री को नियमानुसार टेकडाउन कराने के साथ-साथ ऐसी पोस्ट करने वालो के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

रक्षाबंधन एवं बारावफात के अवसर पर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था संबंधी निर्देश
 रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं एवं आमजन के आवागमन में संभावित वृद्धि के दृष्टिगत बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, टैक्सी स्टैंड, ई-रिक्शा एवं अन्य प्रमुख भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर एण्टीरोमियों स्क्वाड को सक्रिय करते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाये ।
 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के उद्देश्य एवं दायित्वों के संबंध में पूर्व से प्रभावी ब्रीफिंग कराई जाए, ताकि वे यात्रियों की सहायता, महिला सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों के प्रति सजग रह सकें।
 प्रमुख मार्गों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग एवं पुलिस की दृश्यता बढ़ाने के निर्देश, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके।
 रक्षाबन्धन एवं बारावफात के अवसर पर सभी आवश्यक पुलिस प्रबंध करते हुए त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाये ।
 आगामी त्योहारों के अवसर पर मोटरसाइकिल अथवा अन्य वाहनों से होने वाली स्टंटबाजी, तेज एवं खतरनाक ड्राइविंग पर प्रभावी रोकथाम एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाये ।

मिशन शक्ति केंद्र (MSK) की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने संबंधी निर्देश
 MSK में कार्यरत पुलिसकर्मियों को उनके दायित्वों, आमजन एवं विशेष रूप से महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ व्यवहार तथा महिला सुरक्षा से संबंधित चुनौतियों के संबंध में समुचित प्रशिक्षण एवं नियमित ब्रीफिंग दिए जाने पर बल दिया जाये ।
 रेंज एवं जनपद स्तर पर MSK की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करते हुए उनकी गुणवत्ता, कार्यक्षमता, कार्य-विभाजन एवं फील्ड स्तर की प्रभावशीलता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश।
 MSK की कार्यप्रणाली में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नवाचार एवं प्रभावी कार्यप्रणाली विकसित करने तथा सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश।

60 एवं 90 दिवस में निस्तारित होने वाली विवेचनाओं की समीक्षा
 60 एवं 90 दिवस में निस्तारित होने वाली विवेचनाओं की मानीटरिंग हेतु तकनीकी सेवायें मुख्यालय द्वारा विकसित किये गये Case Diary Monitoring Dashboard पोर्टल की समीक्षा करते हुये समस्त क्षेत्राधिकारी/सहायक पुलिस आयुक्त गणों को प्रतिदिन पोर्टल के माध्यम से लम्बित विवेचनाओं की समयबद्ध समीक्षा करते हुये उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये।
 पोर्टल की समीक्षा से विवेचनाओं का उत्कृष्ट पर्यवेक्षण करने वाले शीर्ष क्षेत्राधिकारी क्रमशः 1-क्षेत्राधिकारी नगर हाथरस, श्री हिमांशु माथुर 2-क्षेत्राधिकारी पटियाली कासगंज, श्री अमित कुमार 3-क्षेत्राधिकारी बांसडीह बलिया, श्री जयशंकर मिश्र 4-क्षेत्राधिकारी बांसी सिद्धार्थनगर, श्री सुबेन्दु सिंह 5-क्षेत्राधिकारी नगर प्रतापगढ़, श्री आशुतोष मिश्रा 6-क्षेत्राधिकारी नगर सोनभद्र, श्री रणधीर कुमार मिश्र 7-सहायक पुलिस आयुक्त प्रथम (सेन्ट्रल), कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर, श्रीमती दीक्षा सिंह 8-क्षेत्राधिकारी नगर अयोध्या, श्री श्रीयश त्रिपाठी 9-क्षेत्राधिकारी पट्टी प्रतापगढ़, श्री प्रदीप सिंह के कार्य एवं आचरण की समीक्षोपरान्त प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जाने के निर्देश सम्बन्धित पुलिस आयुक्त/ पुलिस अधीक्षक को दिये गये ।
 उक्त पोर्टल की समीक्षा के उपरान्त इसका नियमित अनुश्रवण नही करने वाले क्षेत्राधिकारियों को उक्त पोर्टल के माध्यम से लम्बित विवेचनाओं की निरंतर समीक्षा किये जाने के निर्देश दिये गये ।

अन्य निर्देश
 ‘ यक्ष’ ऐप में अपराधियों का अद्यतन एवं सही डाटा-‘यक्ष’ ऐप में अपराधियों के संबंध में उनकी संपूर्ण एवं सही आपराधिक इतिहास अंकित करने के निर्देश दिए गए, ताकि उपलब्ध डाटा के आधार पर सक्रिय अपराधियों का सही-सही चिन्हिकरण किया जा सके।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *