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इस वर्ष पितृ पक्ष 26 सितम्बर से प्रारंभ होगा। 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या से साथ इसका समापन होगा। सामान्यतः जिस तिथि को किसी पूर्वज का निधन हुआ हो, उसी तिथि को उनका श्राद्ध करने की मान्यता है। जिन पूर्वजो की मृत्यु की तिथि ज्ञात न हो, उनका श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या के दिन किया जाता है।
श्राद्ध का मुहूर्त- कुतुप मुहूर्त सुबह 11:33 से दोपहर 12:21 बजे तक है। रौहिणी मुहूर्त 12:21 से 01:09 बजे और अपराह्न काल 01:09 से 03:33 बजे तक रहेगा। इस अवधि में श्राद्ध करना उचित माना गया है।

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