सौरभ हत्याकांड पर फैसला आज नीले ड्रम का राज, 126 तारीखों के बाद अब बुधवार को अदालत का आखिरी फैसला
नीला ड्रम, 126 तारीखें और 22 गवाह: आज सौरभ हत्याकांड का फैसला, जेल में बदले मुस्कान-साहिल के तेवर
मेरठ में आज 30 सितंबर को जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा सुनाएंगे फैसला; जेल अधीक्षक के मुताबिक फैसले की खबर के बाद साहिल चार दिन से गुमसुम, मुस्कान तीन दिन से पूजा में जुटी
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अब इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं। जिस नीले ड्रम ने इस हत्याकांड को देशभर में चर्चा में ला दिया था, उसी केस में आज 30 सितंबर को अदालत का फैसला आएगा। मेरठ के जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला पेश होंगे। करीब 126 तारीखों, 22 से अधिक गवाहों और लंबे ट्रायल के बाद अब अदालत यह तय करेगी कि दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभियोजन पक्ष ने कितने साबित किए हैं।
मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज ने बताया कि दोनों को जैसे ही पता चला कि उनके केस का फैसला जल्द आने वाला है, उनके व्यवहार में बदलाव नजर आया। उनके मुताबिक साहिल पिछले करीब चार दिन से खामोश और गुमसुम है। वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहा। वहीं मुस्कान पिछले तीन दिनों से ज्यादा समय पूजा में बिता रही है।
नीले ड्रम ने खोला था राज
यह वही मामला है, जिसमें इंद्रानगर स्थित घर के भीतर एक बड़े नीले ड्रम से सौरभ राजपूत का शव बरामद हुआ था। अभियोजन के मुताबिक हत्या के बाद शव को टुकड़ों में कर ड्रम में सीमेंट और अन्य सामग्री के बीच छिपाने की कोशिश की गई थी। घटना सामने आने के बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।
अभियोजन पक्ष का कहना है कि हत्या सुनियोजित थी और इसके लिए चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और ड्रम जैसी चीजों की व्यवस्था पहले से की गई थी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट और गवाही अदालत के सामने रखी।
22 से ज्यादा गवाहों की गवाही
केस की सुनवाई के दौरान पुलिस, फोरेंसिक टीम और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष का दावा है कि गवाहियों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ियां आरोपियों तक पहुंचती हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी धारदार हथियार से चोटों की बात सामने आई थी।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी डीजीसी फौजदारी केके चौबे के मुताबिक अभियोजन की ओर से सभी गवाहियां पूरी हो चुकी हैं। उनका कहना है कि अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने अपना पूरा पक्ष रखा है और आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की गई है। अंतिम फैसला हालांकि अदालत के साक्ष्यों और कानून के आधार पर होगा।
24 फरवरी से शुरू हुई आखिरी कहानी
24 फरवरी: सौरभ लंदन से मेरठ लौटे और इंद्रानगर स्थित घर पहुंचे।
25 फरवरी: घर में पत्नी मुस्कान का जन्मदिन मनाया गया।
28 फरवरी: बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया गया।
3 मार्च: अभियोजन के मुताबिक सौरभ को नींद की दवा दी गई और बाद में साहिल को बुलाया गया। इसी दौरान हत्या की घटना हुई।
4 मार्च: मुस्कान बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला चली गई।
17 मार्च: शिमला से लौटने के बाद मुस्कान ने मायके पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी।
18 मार्च: पुलिस इंद्रानगर स्थित घर पहुंची। इसी दौरान नीला ड्रम बरामद हुआ और उसमें सौरभ का शव मिला। पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया।
19 मार्च: दोनों को पुलिस ने सार्वजनिक रूप से पेश किया और शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया।
अब निगाहें अदालत के फैसले पर
17 मार्च 2025 को केस अदालत पहुंचा और जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में ट्रायल शुरू हुआ। लंबी सुनवाई के बाद अब 30 सितंबर को फैसला सुनाया जाना है। अदालत के निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्य और गवाहियों के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप किस हद तक साबित होते हैं।
