नोएडा के निठारी गांव में आसपास के इलाके से लगातार बच्चे और लड़कियां गायब हो रहे थे। वर्ष 2006 में D–5 बंगले के पास नाले से उनके कंकाल मिलने शुरू हुए। करीब 19 मानव कंकाल मिले।
D5 कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर और नौकर सुरेंद्र कोली दोषी पाए गए। निचली अदालत से फांसी की सजा हुई। यह केस जैसे–जैसे ऊपरी अदालत में पहुंचता गया, वैसे वैसे दोनों बरी होते गये।
बड़ा सवाल यही था कि अगर मोनिंदर–सुरेंद्र ने कुछ नहीं किया तो 19 मानव कंकाल किसका शिकार हुए?
आज इस केस के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में चाय के खोखे के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। मोनिंदर सिंह पंधेर पंजाब में फैमिली संग रह रहा है।
