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सूर्योदय: ~ ०६:२३
सूर्यास्त: ~ १८:०२
चन्द्रोदय: ~ ०९:४१
चन्द्रास्त: ~ २०:१७
अयन ~ दक्षिणायन
ऋतु: 🌧️ शरद
शक सम्वत: ~ १९४८ (पराभव)
विक्रम सम्वत: ~ २०८३ (रौद्र)
युगाब्द (कलि संवत) ~ ५१२८
मास ~ आश्विन
पक्ष ~ शुक्ल
तिथि ~चतुर्थी (२५:१३+ से पंचमी)
नक्षत्र ~ अनुराधा (२८:०३+ से ज्येष्ठा)
योग ~ आयुष्मान् (२०:३९ से सौभाग्य)
प्रथम करण ~ वणिज (१२:१६ तक)
द्वितीय करण ~ विष्टि/भद्रा (२५:१३+ तक)

॥ गोचर ग्रहा: ॥

*सूर्य ~ कन्या*
*चंद्र ~ वृश्चिक*
*मंगल ~ कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*बुध ~ तुला (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*गुरु ~ कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*शुक्र ~ तुला (अस्त, पश्चिम, वक्री)*
*शनि ~ मीन (उदित, पश्चिम, वक्री)*
*राहु ~ कुम्भ*
*केतु ~ सिंह*

*॥ शुभाशुभ मुहूर्त विचार॥*

अभिजित मुहूर्त
अमृत काल ~ १६:३८ से १८:२३
सर्वार्थ सिद्धि योग ~ ०६:२३ से २८:०३+
अमृत सिद्धि योग ~ ०६:२३ से २८:०३+
रवि योग ~ ०६:२३ से २८:०३+
विजय मुहूर्त ~ १४:०९ से १४:५६
गोधूलि मुहूर्त ~ १८:०२ से १८:२७
सायाह्न सन्ध्या ~ १८:०२ से १९:१६
निशिता मुहूर्त ~ २३:४८ से २४:३८+
ब्रह्म मुहूर्त ~ २८:४५+ से २९:३४+
प्रातः सन्ध्या ~ २९:०९+ से ३०:२३+
राहुकाल ~ १२:१३ से १३:४०
गुलिक काल ~ १०:४५ से १२:१३
यमगण्ड ~ ०७:५१ से ०९:१८
दुर्मुहूर्त ~ ११:४९ से १२:३६
भद्रा ~ १२:१६ से २५:१३+
गण्ड मूल ~ २८:०३+ से ३०:२४+
विंछुड़ो ~ अहोरात्रि
बाण ~ रोग (१९:२० तक)
होमाहुति ~ बुध
दिशा शूल ~ उत्तर
नक्षत्र शूल ~ पूर्व (२८:०३+ से पूर्ण रात्रि)
राहु काल वास ~ दक्षिण-पश्चिम
अग्निवास ~ आकाश (२५:१३+ से पाताल)
भद्रावास ~ स्वर्ग (१२:१६ से २५:१३+ तक)
चन्द्रवास ~ उत्तर
शिववास ~ क्रीड़ा में (२५:१३+ से कैलाश पर)
कुम्भ चक्र ~ पूर्व

चौघड़िया विचार

*॥दिन का चौघड़िया॥*
*१ - लाभ         २ - अमृत*
*३ - काल         ४ - शुभ*
*५ - रोग           ६ - उद्वेग*
*७ - चर            ८ - लाभ*
*॥ रात्रि का चौघड़िया॥*
*१ - उद्वेग          २ - शुभ*
*३ - अमृत         ४ - चर*
*५ - रोग            ६ - काल*
*७ - लाभ          ८ - उद्वेग*
*नोट~ दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।*

*शुभ यात्रा दिशा*

(दक्षिण, पश्चिम) गुड़ खाकर यात्रा करें॥
उत्तर दिशा शूल है, पूर्व में नक्षत्र शूल २८:०३+ से॥

तिथि विशेष

*आश्विन शुक्ल चतुर्थी, भद्रा, विंछुड़ो अहोरात्रि, गण्ड मूल २८:०३+ से, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग अहोरात्रि, तृतीय चातुर्मास का २३वाँ दिन, कर्पर्दिश चतुर्थी*

*आज जन्मे शिशुओं का नामकरण*

आज २८:०३+ तक जन्मे शिशुओं के नाम अनुराधा नक्षत्र के अनुसार क्रमश: (ना, नी, नू, ने) नामाक्षर से एवम् उसके उपरांत ज्येष्ठा नक्षत्र के अनुसार क्रमश: (नो, या, यी, यू) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥

उदय लग्न मुहूर्त

*कन्या - ०४:३१ से ०६:४२*
*तुला - ०६:४२ से ०८:५६*
*वृश्चिक - ०८:५६ से ११:१२*
*धनु - ११:१२ से १३:१७*
*मकर - १३:१७ से १५:०४*
*कुम्भ - १५:०४ से १६:३७*
*मीन - १६:३७ से १८:०७*
*मेष - १८:०७ से १९:४७*
*वृषभ - १९:४७ से २१:४६*
*मिथुन - २१:४६ से २३:५९*
*कर्क - २३:५९ से २६:१५+*
*सिंह - २६:१५+ से २८:२७+*

*पञ्चक रहित मुहूर्त*

रज पञ्चक – ०६:२३ से ०६:४२
शुभ मुहूर्त – ०६:४२ से ०८:५६
चोर पञ्चक – ०८:५६ से ११:१२
शुभ मुहूर्त – ११:१२ से १३:१७
रोग पञ्चक – १३:१७ से १५:०४
शुभ मुहूर्त – १५:०४ से १६:३७
मृत्यु पञ्चक – १६:३७ से १८:०७
रोग पञ्चक – १८:०७ से १९:४७
शुभ मुहूर्त – १९:४७ से २१:४६
मृत्यु पञ्चक – २१:४६ से २३:५९
अग्नि पञ्चक – २३:५९ से २५:१३+
शुभ मुहूर्त – २५:१३+ से २६:१५+
रज पञ्चक – २६:१५+ से २८:०३+
शुभ मुहूर्त – २८:०३+ से २८:२७+
चोर पञ्चक – २८:२७+ से ३०:२४+

नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त ~ (➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥

आज का सुविचार

*महाभारत की असली परिभाषा यह है कि,जिसमें अर्जुन कहते हैं,कि प्रभु सामने अपने हैं॥*

*आज का राशिफल*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज अष्टम भाव में चंद्रमा और विंछुड़ो अहोरात्रि होने से मानसिक तनाव रहेगा। चतुर्थी पर गणेश जी की कृपा से बिगड़े काम बनेंगे। खर्च अधिक रहेगा। उपाय – गणेश जी को दूर्वा और मोदक अर्पित करें, माँ कुष्मांडा को मालपुआ का भोग लगाएं।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज सप्तम भाव में चंद्रमा है, व्यापार में लाभ होगा। दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी। सर्वार्थ सिद्धि योग में नया काम शुरू करना अति शुभ है। भद्रा के कारण दोपहर १२:१६ के बाद कोई बड़ा फैसला टालें। उपाय – गणेश जी को लड्डू चढ़ाएं और गाय को हरा चारा खिलाएं।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आपके स्वामी बुध प्रबल हैं, बुद्धि से धन कमाएंगे। शत्रु पर विजय मिलेगी, नौकरी में सफलता मिलेगी। गण्ड मूल २८:०३+ से शुरू है इसलिए उसके बाद जन्मे शिशु की शांति आवश्यक है। उपाय – गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें और कुष्मांडा माँ की आरती करें।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज पंचम भाव में चंद्रमा है, संतान से सुख मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन उत्तम है। आज रवि योग में किया गया निवेश भविष्य में लाभ देगा। भद्रा होने से कर्ज लेनदेन टालें। उपाय – गणेश जी को सिंदूर चढ़ाएं और शिव जी पर बेलपत्र अर्पित करें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज चतुर्थ भाव में चंद्रमा है, माता से सुख और भूमि-भवन का लाभ मिलेगा। घर में मांगलिक कार्य होगा। आज आकाश में अग्निवास है इसलिए हवन वर्जित है। मन थोड़ा अशांत रहेगा। उपाय – गणेश जी को लाल फूल और कुष्मांडा माता को कुम्हड़ा (पेठा) अर्पित करें।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज पराक्रम में वृद्धि होगी, भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। छोटी यात्रा लाभ देगी। बुधवार होने से गणेश जी की कृपा से वाणी से काम बनेंगे। सर्वार्थ सिद्धि योग में नया व्यापार शुरू करें। उपाय – गणेश जी को दूर्वा की माला और माँ कुष्मांडा को पीले फूल चढ़ाएं।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज धन भाव में चंद्रमा है, धन लाभ के योग हैं। परिवार में खुशी रहेगी। भद्रा १२:१६ से होने से दोपहर से पहले शुभ कार्य कर लें। आज गणेश जी की पूजा से सभी विघ्न दूर होंगे। उपाय – गणेश जी को मोदक और माँ को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आपकी ही राशि में चंद्रमा है, आत्मविश्वास बढ़ेगा। विंछुड़ो अहोरात्रि होने से स्वभाव में उग्रता आ सकती है, शांत रहें। सर्वार्थ सिद्धि योग में किया गया कार्य सफल होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उपाय – गणेश जी को दूर्वा और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज व्यय भाव में चंद्रमा है, खर्च अधिक रहेगा। विदेश से लाभ होगा। भद्रा होने से किसी को उधार न दें। गण्ड मूल के कारण वाहन सावधानी से चलाएं। उपाय – गणेश जी को बेसन के लड्डू चढ़ाएं और विष्णु सहस्रनाम पढ़ें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आय भाव में चंद्रमा है, आय में वृद्धि होगी। मित्रों से सहयोग मिलेगा। आज तीन शुभ योग होने से प्रमोशन के प्रबल योग हैं। भद्रा के बाद कोई भी शुभ कार्य टालें। उपाय – गणेश जी को दूर्वा और शनि देव को तेल का दीपक जलाएं।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज कर्म भाव में चंद्रमा है, कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। पिता का सहयोग मिलेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग में सरकारी काम बनेंगे। सामाजिक मान बढ़ेगा। उपाय – गणेश जी को मोदक और शिव जी को गंगाजल अर्पित करें।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज भाग्य भाव में चंद्रमा है, भाग्य का साथ मिलेगा। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। तीर्थ यात्रा का योग है। भद्रा होने से दोपहर बाद यात्रा टालें। विद्यार्थियों के लिए दिन उत्तम है। उपाय – गणेश जी को लड्डू और माँ कुष्मांडा को पीला कुम्हड़ा अर्पित करें।
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