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सूर्योदय: ~ ०६:२२
सूर्यास्त: ~ १८:०४
चन्द्रोदय: ~ ०७:४८
चन्द्रास्त: ~ १८:५३
अयन ~ दक्षिणायन
ऋतु: 🌧️ शरद
शक सम्वत: ~ १९४८ (पराभव)
विक्रम सम्वत: ~ २०८३ (रौद्र)
युगाब्द (कलि संवत) ~ ५१२८
मास ~ आश्विन
पक्ष ~ शुक्ल
तिथि ~ द्वितीया (२२:१३ से तृतीया)
नक्षत्र ~ स्वाती (२३:५२ से विशाखा)
योग ~ विष्कम्भ (२०:३२ से प्रीति)
प्रथम करण ~ बालव (०९:४८ तक)
द्वितीय करण ~ कौलव (२२:१३ तक)

॥गोचर ग्रहा:॥

*सूर्य ~ कन्या*
*चंद्र ~ तुला*
*मंगल ~ कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*बुध ~ तुला (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*गुरु ~ कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*शुक्र ~ तुला (उदित, पश्चिम, वक्री)*
*शनि ~ मीन (उदित, पश्चिम, वक्री)*
*राहु ~ कुम्भ*
*केतु ~ सिंह*

*॥शुभाशुभ मुहूर्त विचार॥*

अभिजित मुहूर्त ~ ११:५० से १२:३७
अमृत काल ~ १४:३५ से १६:१६
विजय मुहूर्त ~ १४:१० से १४:५७
गोधूलि मुहूर्त ~ १८:०४ से १८:२९
सायाह्न सन्ध्या ~ १८:०४ से १९:१८
निशिता मुहूर्त ~ २३:४९ से २४:३८+
ब्रह्म मुहूर्त ~ २८:४४+ से २९:३३+
प्रातः सन्ध्या ~ २९:०९+ से ०६:२२
राहुकाल ~ ०७:५० से ०९:१८
गुलिक काल ~ १३:४१ से १५:०९
यमगण्ड ~ १०:४६ से १२:१३
दुर्मुहूर्त ~ १२:३७ से १३:२३
वर्ज्य ~ २९:५४+ से ३१:३७+
आडल योग ~ ०६:२२ से २३:५२
विडाल योग ~ २३:५२ से ३०:२३+
बाण ~ चोर (१८:५२ तक)
होमाहुति ~ सूर्य
दिशा शूल ~ पूर्व
राहु काल वास ~ उत्तर-पश्चिम
अग्निवास ~ आकाश (२२:१३ से पाताल)
चन्द्रवास ~ पश्चिम
शिववास ~ गौरी के साथ (२२:१३ से सभा में)
कुम्भ चक्र ~ पूर्व

चौघड़िया विचार

*॥दिन का चौघड़िया॥*
*१ - अमृत            २ - काल*
*३ - शुभ              ४ - रोग*
*५ - उद्वेग             ६ - चर*
*७ - लाभ             ८ - अमृत*
*॥रात्रि का चौघड़िया॥*
*१ - चर               २ - रोग*
*३ - काल            ४ - लाभ*
*५ - उद्वेग            ६ - शुभ*
*७ - अमृत           ८ - चर*
*नोट~ दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।*

*शुभ यात्रा दिशा*

(पश्चिम, दक्षिण) दूध पीकर यात्रा करें॥ पूर्व दिशा शूल है॥

तिथि विशेष

*शुक्ल द्वितीया, आडल योग, विडाल योग, तृतीय चातुर्मास का २१वाँ दिन, चन्द्र दर्शन, नवरात्रि द्वितीय दिवस ब्रह्मचारिणी पूजा, आदि*

*आज जन्मे शिशुओं का नामकरण*

आज २३:५२ तक जन्मे शिशुओं के नाम स्वाती नक्षत्र के अनुसार क्रमश: (रू, रे, रो, ता) नामाक्षर से एवम् उसके उपरांत विशाखा नक्षत्र के अनुसार क्रमश: (ती, तू, ते, तो) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥

उदय लग्न मुहूर्त

*कन्या - ०४:३९ से ०६:५०*
*तुला - ०६:५० से ०९:०४*
*वृश्चिक - ०९:०४ से ११:२०*
*धनु - ११:२० से १३:२५*
*मकर - १३:२५ से १५:१२*
*कुम्भ - १५:१२ से १६:४५*
*मीन - १६:४५ से १८:१५*
*मेष - १८:१५ से १९:५५*
*वृषभ - १९:५५ से २१:५३*
*मिथुन - २१:५३ से २४:०७+*
*कर्क - २४:०७+ से २६:२३+*
*सिंह - २६:२३+ से २८:३५+*

*पञ्चक रहित मुहूर्त*

शुभ मुहूर्त – ०६:२२ से ०६:५०
रोग पञ्चक – ०६:५० से ०९:०४
शुभ मुहूर्त – ०९:०४ से ११:२०
मृत्यु पञ्चक – ११:२० से १३:२५
अग्नि पञ्चक – १३:२५ से १५:१२
शुभ मुहूर्त – १५:१२ से १६:४५
रज पञ्चक – १६:४५ से १८:१५
अग्नि पञ्चक – १८:१५ से १९:५५
शुभ मुहूर्त – १९:५५ से २१:५३
रज पञ्चक – २१:५३ से २२:१३
शुभ मुहूर्त – २२:१३ से २३:५२
चोर पञ्चक – २३:५२ से २४:०७+
शुभ मुहूर्त – २४:०७+ से २६:२३+
रोग पञ्चक – २६:२३+ से २८:३५+
शुभ मुहूर्त – २८:३५+ से ३०:२३+

नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त ~ (➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥

आज का सुविचार

*जो व्यक्ति स्वयं पर संयम कर सकता है, वो कुछ भी कर सकता है॥*

*आज का राशिफल*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज द्वितीया तिथि है, माँ ब्रह्मचारिणी की कृपा से आपका आत्मबल बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, वाणी से लाभ होगा। परिवार में सुख रहेगा। आज चन्द्र दर्शन शुभ है, चंद्रमा को जल अर्पित करें। उपाय – माँ ब्रह्मचारिणी को सफेद फूल, मिश्री अर्पित करें और शिव जी का दूध से अभिषेक करें।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज चंद्रमा तुला में है, धन लाभ के योग हैं। आर्थिक स्थिति सुधरेगी, रुका पैसा मिलेगा। आज सोमवार होने से वस्त्र और सौंदर्य प्रसाधन के व्यापार में लाभ होगा। पूर्व दिशा शूल है, यात्रा टालें। उपाय – माँ दुर्गा को श्रृंगार सामग्री और शिव जी को बेलपत्र अर्पित करें।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आडल योग है, मन थोड़ा चंचल रहेगा पर माँ की पूजा से शांत होगा। छोटी यात्रा के योग हैं, भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन उत्तम है। उपाय – गाय को हरा चारा खिलाएं और दुर्गा सप्तशती के प्रथम अध्याय का पाठ करें।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपकी राशि से चतुर्थ भाव में चंद्रमा है, घर में सुख-शांति बढ़ेगी। माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा से पारिवारिक कष्ट दूर होंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा। भूमि-भवन का लाभ हो सकता है। उपाय – शिव जी को गंगाजल, बेलपत्र अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज पराक्रम में वृद्धि होगी, मान-सम्मान बढ़ेगा। आज स्वाती नक्षत्र है, कला और व्यापार में सफलता मिलेगी। संतान से सहयोग मिलेगा। आकस्मिक लाभ के योग हैं। उपाय – सूर्य देव को जल अर्पित करें और माँ ब्रह्मचारिणी को गुड़हल का फूल चढ़ाएं।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज द्वितीय भाव में शुभ योग है, धन लाभ प्रबल है। वाणी से कार्य सिद्ध होंगे। परिवार में मांगलिक चर्चा होगी। आज चन्द्र दर्शन के दिन किया गया दान अक्षय फल देगा। उपाय – गणेश जी को दूर्वा और माँ दुर्गा को लाल चुनरी अर्पित करें।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपकी ही राशि में चंद्रमा है, आत्मविश्वास और आकर्षण बढ़ेगा। नया वस्त्र, आभूषण मिलेगा। दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी। व्यापार में लाभ होगा। उपाय – माँ दुर्गा को कमल का फूल और खीर का भोग लगाएं।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज व्यय अधिक रहेगा, विदेश और ऑनलाइन काम से लाभ होगा। आज चोर बाण १८:५२ तक है, धन की सुरक्षा करें। स्वास्थ्य में थकान हो सकती है। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। उपाय – हनुमान जी को सिंदूर, बूंदी चढ़ाएं और हनुमान चालीसा पढ़ें।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आय में वृद्धि होगी, मित्रों से सहयोग मिलेगा। आज विडाल योग है, कोई नया कार्य रात २३:५२ के बाद टालें। परिवार में खुशी रहेगी। संतान से सुखद समाचार मिलेगा। उपाय – विष्णु जी को पीले फूल और केले का भोग लगाएं, पीली वस्तु का दान करें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता मिलेगी, प्रमोशन के योग हैं। पिता और गुरु का सहयोग मिलेगा। आज सोमवार होने से शिव कृपा से रुके काम बनेंगे। सामाजिक मान बढ़ेगा। उपाय – शनि देव को सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज भाग्य का साथ मिलेगा, धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। तीर्थ यात्रा का योग है। आज चन्द्र दर्शन होने से भाग्य प्रबल होगा। विद्यार्थियों के लिए दिन उत्तम है। उपाय – शिव जी को गंगाजल, बेलपत्र अर्पित करें और दुर्गा कवच का पाठ करें।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज अष्टम भाव सक्रिय है, सावधानी रखें। आकस्मिक खर्च और गुप्त शत्रु से बचें। वाहन सावधानी से चलाएं। आज आकाश में अग्निवास है, हवन के लिए दिन शुभ नहीं है। उपाय – माँ दुर्गा को गुलाब का फूल अर्पित करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
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By admin

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