लखनऊ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक पर सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, कंपनी और NHAI के दावों में भी विरोधाभास सामने आया है।दरअसल, एक्सप्रेस-वे के कई हिस्सों में सड़क धंसने और जगह-जगह गड्ढे होने की बात सामने आई है।NHAI की तकनीकी जांच में घटिया निर्माण और डामर की लेयर ठीक से नहीं बैठने की वजह से सड़क खराब होने का दावा किया गया है।NHAI की ओर से कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की कार्रवाई शुरू किए जाने की बात सामने आई थी।वहीं PNC इंफ्राटेक ने BSE और NSE को पत्र भेजकर सफाई दी कि उसे न तो ब्लैकलिस्ट किया गया है और न ही नॉन-परफॉर्मर घोषित किया गया है, बल्कि सिर्फ कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।कंपनी ने लगातार बारिश को भी एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की वजह बताया है।लेकिन रिपोर्ट में दावा है कि 63 किलोमीटर के एक्सप्रेस-वे पर करीब 600 से 700 मीटर हिस्से में सड़क धंसने या उखड़ने की समस्या सामने आई है और करीब 84 जगहों पर गड़बड़ी की बात कही गई है।वहीं, विवाद के बीच PNC इंफ्राटेक के शेयर में भी गिरावट देखने को मिली है। अब सवाल सड़क निर्माण की गुणवत्ता, NHAI की कार्रवाई और कंपनी की सफाई को लेकर उठ रहे हैं।आखिर एक्सप्रेस-वे की बदहाली के लिए जिम्मेदार कौन है—घटिया निर्माण, लगातार बारिश या फिर निगरानी में कहां चूक हुई, इस पूरे मामले पर अब जांच और कार्रवाई पर सबकी नजर है।
